ट्रिलियन-डॉलर का क्षितिज: एलन मस्क की अनुमानित संपत्ति और उसकी ताकत
एलन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनियर बनने की राह पर हैं। जानिए उनकी अनुमानित संपत्ति, टेस्ला और स्पेसएक्स की भूमिका और इतनी विशाल दौलत के क्या मायने हैं।
एलन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनियर बनने की राह पर हैं। जानिए उनकी अनुमानित संपत्ति, टेस्ला और स्पेसएक्स की भूमिका और इतनी विशाल दौलत के क्या मायने हैं।

जेफ बेजोस का तर्क है कि न्यूयॉर्क में महंगे किराए के लिए Airbnb नहीं, बल्कि सरकारी ज़ोनिंग और परमिट नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने हाउसिंग संकट को सुलझाने के लिए नीतिगत सुधारों की मांग की है।

भारत की विकास दर 8% पर मजबूत बनी हुई है और विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों को लेकर डर का माहौल बेवजह है। जानिए कैसे घरेलू मांग अर्थव्यवस्था को रफ्तार दे रही है।
एलन मस्क ने भारत की जन्म दर के रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे गिरने की ओर इशारा किया है। जानिए भारत की बदलती जनसांख्यिकी और घटती प्रजनन दर के आर्थिक निहितार्थ क्या हैं।

2025-26 के मजबूत GDP आंकड़ों के बाद, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच PM मोदी ने आर्थिक विकास और सुधार उपायों पर चर्चा के लिए EAC की बैठक बुलाई।

तीन महीने में दूसरी बार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी की गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की अस्थिरता और बाजार में बदलाव के बीच यह फैसला लिया गया है।

सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेशकों के लिए हालिया टैक्स छूट का उद्देश्य बाजार को गहरा बनाना, वैश्विक पूंजी को आकर्षित करना और रुपये से परे तरलता (लिक्विडिटी) में सुधार करना है।

भारत ने रुपये और पूंजी खाते को स्थिर करने के लिए प्रमुख निवेश सुधार शुरू किए हैं। जानें कि कैसे कर प्रोत्साहन और RBI की नीतियां वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।

2026 FIFA वर्ल्ड कप से वैश्विक स्तर पर बीयर की बिक्री में एक अरब पिंट का इजाफा होने की उम्मीद है। यह टूर्नामेंट उद्योग के लिए 41 अरब डॉलर के व्यापक आर्थिक लाभ के साथ एक बड़ी राहत लेकर आएगा।

मुख्य अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।

एक नई रिपोर्ट के अनुसार, RBI ने वित्त वर्ष 2027 के विकास अनुमानों को घटा दिया है और अर्थव्यवस्था के लिए बढ़ती महंगाई के जोखिमों को देखते हुए विदेशी पूंजी आकर्षित करने की रणनीति अपनाई है।

अप्रैल 2026 में भारत की रूसी तेल पर निर्भरता 11 महीने के उच्चतम स्तर 38% पर पहुंच गई है। पश्चिम एशिया संकट के बीच, रूस से आयात पर दिए जाने वाले प्रीमियम में 425% का बड़ा उछाल देखा गया है।

महंगाई और धीमी विकास दर के बीच, RBI रुपये को बचाने के लिए नए बॉन्ड और निवेश उपायों के जरिए $75 अरब तक का निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत नई आर्थिक सुरक्षा नीतियां तैयार कर रहा है। सरकार स्थिरता और विकास दर को बनाए रखने के लिए एक संतुलित और लक्षित दृष्टिकोण अपना रही है।

तमिलनाडु ने 10.83% की आर्थिक विकास दर दर्ज की है, लेकिन राज्य का अपना टैक्स राजस्व केवल 6.8% ही बढ़ा है। विशेषज्ञ इसके पीछे GST के युक्तिकरण और अनुपालन में कमी को मुख्य कारण मानते हैं।

भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% की जीडीपी वृद्धि दर्ज की है, जिसमें चौथी तिमाही में यह दर 7.8% तक पहुंच गई। राजनाथ सिंह ने इन आंकड़ों को 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन बताया है।

हजारों अल्बानियाई नागरिक जेरेड कुशनर से जुड़ी 1.6 अरब डॉलर की लग्जरी रिसॉर्ट परियोजना का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे संरक्षित वोजोसा-नार्टा आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर खतरा है।

भारत की GDP वृद्धि दर चौथी तिमाही में 7.8% रही और पूरे वित्त वर्ष में यह 7.7% रही। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण RBI ने FY27 के लिए अपने विकास अनुमान को घटा दिया है।

RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है और विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने महंगाई और विकास दर से जुड़ी चिंताओं पर बात की।

भारत की GDP वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% तक पहुंच गई है, जो अनुमानों से कहीं अधिक है। MoSPI सचिव सौरभ गर्ग ने पूंजी निर्माण और निर्माण क्षेत्र को विकास का मुख्य चालक बताया है।

विदेशी पूंजी आकर्षित करने के नए उपायों के बावजूद भारत के आर्थिक विकास का दृष्टिकोण धीमा पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि FDI और व्यापार में संरचनात्मक कमियां अभी भी बड़ी बाधा बनी हुई हैं।

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर सार्थक चर्चा हुई है। दोनों देश आर्थिक संबंधों को मजबूती देने और 500 अरब डॉलर के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अंतरिम समझौते पर काम कर रहे हैं।

भारत और अमेरिका जुलाई के मध्य तक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को लागू करने के लिए तैयार हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पुष्टि की है कि बातचीत अब अंतिम दौर में है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की आर्थिक मजबूती का बचाव करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की है।

पीएम मोदी ने वित्त वर्ष 2026 में भारत की 7.7% जीडीपी वृद्धि की सराहना की है। उन्होंने अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच इस सफलता का श्रेय संरचनात्मक सुधारों और नागरिकों की कड़ी मेहनत को दिया है।

भारत को वित्त वर्ष 2028 तक 7% की जीडीपी विकास दर पर लौटने की उम्मीद है। मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने वैश्विक आर्थिक जोखिमों से निपटने के लिए मैक्रो स्थिरता और आपूर्ति उपायों को महत्वपूर्ण बताया है।

पीयूष गोयल ने पुष्टि की है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण जुलाई के मध्य तक आने की उम्मीद है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय निर्यातकों के लिए तरजीही बाजार पहुंच सुनिश्चित करना है।

भारत ने अपने GDP का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 कर दिया है, जिसमें FY26 में 7.7% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। वैश्विक संघर्ष और ग्रामीण मांग को देखते हुए RBI ने FY27 के लिए अपने अनुमान को घटाकर 6.6% कर दिया है।

नए बेस ईयर के साथ भारत की FY26 GDP ग्रोथ 7.7% दर्ज की गई है। अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलावों के बीच, वैश्विक संघर्षों को देखते हुए RBI ने FY27 के लिए अपने अनुमानों को घटा दिया है।

वर्ल्ड इनइक्वलिटी लैब की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, बदलती जनसांख्यिकी और बहुध्रुवीय वैश्विक अर्थव्यवस्था के दम पर भारत 2060 तक वैश्विक जीडीपी में चीन को पीछे छोड़ देगा।