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भू-राजनीतिक तनाव से थमी बाजार की रफ्तार: सेंसेक्स और निफ्टी50 की दो दिन की तेजी पर लगा ब्रेक

रिलायंस और कोटक बैंक में बिकवाली के दबाव से सेंसेक्स और निफ्टी50 की दो दिन की बढ़त थमी

द्वारा कबीर शर्माप्रकाशित 29 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
भू-राजनीतिक तनाव से थमी बाजार की रफ्तार: सेंसेक्स और निफ्टी50 की दो दिन की तेजी पर लगा ब्रेक
भू-राजनीतिक तनाव से थमी बाजार की रफ्तार: सेंसेक्स और निफ्टी50 की दो दिन की तेजी पर लगा ब्रेक

सोमवार को बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक अनिश्चितता के दबाव में प्रमुख सूचकांक लड़खड़ा गए और निवेशकों ने रिलायंस और कोटक बैंक जैसे दिग्गज शेयरों से दूरी बना ली।

दलाल स्ट्रीट पर पिछले दो दिनों से जारी तेजी का सिलसिला आखिरकार सोमवार को थम गया। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की खबरों के बाद, BSE Sensex और Nifty50 ने अपनी हालिया बढ़त गंवा दी और बाजार लाल निशान में बंद हुआ। सुबह से ही बाजार का रुख सतर्क था, जिसमें सेंसेक्स 372 अंक गिरकर 76,728 पर और निफ्टी50 110 अंक फिसलकर 23,946 पर बंद हुआ।

यह बिकवाली केवल एक मामूली सुधार नहीं थी, बल्कि यह व्यापक स्तर पर देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी डॉलर के करीब एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से बाजार के भागीदार सहमे हुए थे। जब मध्य-पूर्व के विवादों के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में अस्थिरता आती है, तो इसका असर घरेलू सूचकांकों पर तुरंत पड़ता है। नतीजतन, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा संकलित 15 प्रमुख सेक्टर गेज में से 12 गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2% की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित रहा।

दिग्गज शेयरों का दबाव

बाजार में गिरावट का मुख्य कारण इसके सबसे बड़े शेयरों का प्रदर्शन रहा। Reliance, Kotak Bank, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो, मारुति सुजुकी और एसबीआई जैसे दिग्गज शेयर पूरे दिन सूचकांकों को नीचे खींचते रहे। व्यापक बाजार भी इस निराशा से अछूता नहीं रहा, निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांकों ने भी इसी रुख का अनुसरण किया और क्रमशः 0.37% और 0.62% की गिरावट दर्ज की।

लाल निशान के बीच, कुछ क्षेत्रों में मजबूती भी दिखी। मेटल, फार्मा और हेल्थकेयर shares में कुछ खरीदारी देखी गई, जिससे बाजार की बड़ी गिरावट को थोड़ा सहारा मिला। हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज का प्रदर्शन शानदार रहा, जो अमेज़न बेडरॉक के लिए एंथ्रोपिक अधिकृत पुनर्विक्रेता (Authorized Reseller) बनने की घोषणा के बाद 9% तक उछल गया। यह साबित करता है कि विशिष्ट स्टॉक-स्तर के उत्प्रेरक अभी भी बाजार की सामान्य धारणा को चुनौती दे सकते हैं।

यह क्यों मायने रखता है

बड़ी तस्वीर यह है कि हमारे बाजार बाहरी व्यापक आर्थिक झटकों के प्रति कितने संवेदनशील हैं। भले ही घरेलू स्थिति मजबूत हो, लेकिन अमेरिकी डॉलर और तेल की कीमतों के बीच का तालमेल निवेशकों की धारणा को नियंत्रित करता है। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य के तनाव को कम करने के लिए कतर में संभावित बैठक की खबरें उम्मीद की एक किरण जगाती हैं, लेकिन आज बाजार की त्वरित प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि व्यापारी जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं। आम निवेशकों के लिए, यह एक अनुस्मारक है कि मौजूदा winning स्ट्रीक और उसके बाद के सुधार हजारों किलोमीटर दूर की सुर्खियों से गहराई से जुड़े हुए हैं।

Upstox और अन्य ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म पर नजर रखने से पता चलता है कि जब वित्तीय सेवा और बैंकिंग क्षेत्र अपनी गति खो देते हैं, तो बाजार का मिजाज कितनी तेजी से बदल सकता है। बाजार अब अपनी अगली दिशा की तलाश में है, और मौजूदा अस्थिरता एक 'प्रतीक्षा करो और देखो' (wait-and-watch) के रुख को रेखांकित करती है, जहां तरलता वैश्विक अस्थिरता के किसी भी संकेत के प्रति संवेदनशील बनी हुई है।

द्वारा कबीर शर्मा
फ़ीचर्स लेखक

कबीर शर्मा पॉलिटिकलपीडिया के लिए संस्कृति, तकनीक और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लिखते हैं।