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विज्ञान और स्वास्थ्य

क्या भारतीय रसोई खतरे में है? वित्त वर्ष 2026 में हर छठा सैंपल क्यों फेल हुआ

हालिया आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2026 में हर छठा सैंपल जांच में फेल रहा। जैसे-जैसे भारतीय खाद्य सुरक्षा पर अपना भरोसा खो रहे हैं, विशेषज्ञ देश के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रणालीगत बदलाव की मांग कर रहे हैं।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क · 5 घंटे पहले
बिज़नेस

ओज़ेम्पिक, फिटनेस ऐप्स और ऑलिव ऑयल: भारत के 170 अरब डॉलर के वेलनेस मार्केट का सच

जानिए कैसे ओज़ेम्पिक, फिटनेस ऐप्स और खान-पान में बदलाव भारत के 170 अरब डॉलर के वेलनेस सेक्टर को रफ्तार दे रहे हैं, जिससे शहरी भारतीयों का स्वास्थ्य और वजन घटाने का नजरिया पूरी तरह बदल रहा है।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क · कल
नया ब्लड टेस्ट फेफड़ों के कैंसर के जोखिम की 5 साल पहले भविष्यवाणी कर सकता है
विज्ञान और स्वास्थ्य

नया ब्लड टेस्ट: फेफड़ों के कैंसर का 5 साल पहले ही चल सकेगा पता

शोधकर्ताओं ने 14-प्रोटीन वाले ब्लड सिग्नेचर की पहचान की है, जो फेफड़ों के कैंसर के खतरे को निदान से पांच साल पहले ही भांप सकता है। यह खोज शुरुआती इलाज के लिए एक नई राह खोलती है।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क · कल
वित्तीय बाधाओं के बीच रास्ता: केरल स्वास्थ्य क्षेत्र में चुनिंदा निजी भागीदारी की योजना बना रहा है
राज्य

वित्तीय बाधाओं के बीच रास्ता: केरल स्वास्थ्य क्षेत्र में चुनिंदा निजी भागीदारी की योजना बना रहा है

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सीएसआर (CSR) के माध्यम से चुनिंदा निजी क्षेत्र की भागीदारी का प्रस्ताव रखा है, ताकि जनता पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क · परसों
राज्य

गोरखपुर के अस्पतालों में इलाज में लापरवाही का सिलसिला, प्रसूता की मौत के बाद हंगामे का वीडियो वायरल

गोरखपुर के निजी अस्पतालों में इलाज में लापरवाही और प्रसूता की मौत के बाद परिजनों का हंगामा, अस्पताल सील, पुलिस कार्रवाई और वायरल वीडियो की विस्तृत रिपोर्ट।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क · परसों
वैज्ञानिक उपलब्धि: शोधकर्ताओं ने मानव भ्रूण के DNA को सटीक रूप से संपादित किया
विज्ञान और स्वास्थ्य

वैज्ञानिक उपलब्धि: शोधकर्ताओं ने मानव भ्रूण के DNA को सटीक रूप से संपादित किया

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मानव भ्रूण के DNA को बदलने के लिए 'बेस एडिटिंग' का सफलतापूर्वक उपयोग किया है। इससे बीमारियों की रोकथाम की उम्मीद तो जगी है, लेकिन 'डिजाइनर बेबीज' को लेकर नैतिक चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क · परसों
कैंसर की दवाओं की भारी किल्लत से मरीजों की जान पर संकट
विज्ञान और स्वास्थ्य

कीमोथेरेपी दवाओं की भारी किल्लत से कैंसर मरीजों की जान पर बनी

भारत में सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लेटिन जैसी कीमोथेरेपी दवाओं की भारी कमी से कैंसर मरीजों का इलाज बाधित हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क · परसों