Politicalpedia
मनोरंजन

जब हेलीकॉप्टर बन गया डेली कम्यूट: 'तीस मार खां' के सेट से फराह खान का दिलचस्प किस्सा

हेलीकॉप्टर को टैक्सी बना दिया था, फराह खान का खुलासा- तीस मार खां के सेट पर रोज

द्वारा अनन्या अय्यरप्रकाशित 16 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
जब हेलीकॉप्टर बन गया डेली कम्यूट: 'तीस मार खां' के सेट से फराह खान का दिलचस्प किस्सा
जब हेलीकॉप्टर बन गया डेली कम्यूट: 'तीस मार खां' के सेट से फराह खान का दिलचस्प किस्सा

निर्देशक फराह खान ने याद किया कि कैसे एक रिमोट लोकेशन पर फिल्म की शूटिंग के दौरान अक्षय कुमार के अनोखे ट्रैवल रूटीन ने क्रू को हैरान कर दिया था और प्रोडक्शन का बजट भी बिगाड़ दिया था।

मालशेज घाट, जो अपने घुमावदार, खतरनाक रास्तों और मानसून के शानदार नजारों के लिए जाना जाता है, 2010 की फिल्म तीस मार खां का बैकड्रॉप था। सुबह 8:00 बजे की सख्त कॉल टाइमिंग वाली फिल्म यूनिट के लिए यह लोकेशन एक लॉजिस्टिकल दुःस्वप्न जैसा था। जहां बाकी कास्ट और क्रू ने मुंबई से ढाई घंटे के थकाऊ सफर से बचने के लिए पास के होटल में रुकने का फैसला किया, वहीं अक्षय कुमार की रणनीति अलग थी। उन्होंने हेलीकॉप्टर को एक लोकल ट्रेन की तरह इस्तेमाल करना चुना, और आसमान को अपनी पर्सनल टैक्सी सर्विस बना लिया ताकि वे हर रात अपने घर पर सो सकें।

यह किस्सा हाल ही में भूत बंगला के एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान सामने आया, जहां निर्देशक फराह खान, अक्षय कुमार, प्रियदर्शन और राजपाल यादव के साथ बैठी थीं। तीस मार खां के सेट की अफरा-तफरी को याद करते हुए, फराह ने खुलासा किया कि अभिनेता अपना काम खत्म करके शहर वापस उड़ जाते थे और अगली सुबह 7:45 बजे तक मालशेज लोकेशन पर वापस आ जाते थे।

सुविधा की कीमत

राजपाल यादव, जो पर्दे के पीछे चल रही इन लॉजिस्टिकल कवायदों से पूरी तरह अनजान थे, इस खुलासे के बाद दंग रह गए। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने यह कारनामा कैसे किया, तो अक्षय का बेपरवाह जवाब—"मैं हेलीकॉप्टर से आया था"—सुनकर पूरा कमरा ठहाकों से गूंज उठा।

हालांकि, इस हंसी-मजाक के पीछे निर्देशक और स्टार के बीच की एक पुरानी खींचतान भी छिपी थी। फराह, जो इस प्रोजेक्ट की को-प्रोड्यूसर भी थीं, ने मजाक में कहा कि हेलीकॉप्टर के चक्करों ने प्रोडक्शन का बजट खाली कर दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मैंने अपनी जिंदगी में किसी एक्टर को हेलीकॉप्टर को टैक्सी की तरह इस्तेमाल करते नहीं देखा," उन्होंने जोड़ा कि हालांकि अक्षय की समय की पाबंदी तारीफ के काबिल थी, लेकिन फिल्म के खजाने पर इसका असर काफी भारी पड़ा। अक्षय ने भी पीछे न हटते हुए जवाब दिया कि फिल्म की रिलीज से सबसे ज्यादा मुनाफा फराह ने ही कमाया था, जिससे इंडस्ट्री के इन दो दिग्गजों के बीच एक मजेदार और दोस्ताना बहस छिड़ गई।

यह क्यों मायने रखता है

यह किस्सा 2000 के दशक के अंत में बॉलीवुड के हाई-ऑक्टेन, बड़े बजट के दौर की एक झलक पेश करता है। भले ही इसे एक अजीब सेलिब्रिटी कहानी के रूप में देखना आसान हो, लेकिन यह भारतीय फिल्म निर्माण में शामिल भारी दबाव और वित्तीय दांव-पेच को उजागर करता है। प्रोड्यूसर्स के लिए, ए-लिस्ट स्टार्स की मांगों और लोकेशन शूटिंग की कठोर वास्तविकताओं के बीच संतुलन बनाना आज भी एक चुनौती है। तीस मार खां की यह घटना उस समय को दर्शाती है जब स्टार पावर अक्सर सेट की लॉजिस्टिक्स तय करती थी, एक ऐसी प्रथा जो बाद के वर्षों में प्रोडक्शन मैनेजमेंट और स्टूडियो सिस्टम के अधिक अनुशासित होने के साथ बदल गई है।

यह फिल्म, जिसमें कैटरीना कैफ और अक्षय खन्ना भी थे, फराह और अक्षय दोनों के करियर का एक अलग अध्याय बनी हुई है। जैसा कि हालिया Asianet की रिपोर्ट्स में बताया गया है, पर्दे के पीछे की ये जानकारियां दर्शकों को आज भी आकर्षित करती हैं, जो यह साबित करती हैं कि प्राथमिक स्रोतों यानी खुद निर्देशकों और अभिनेताओं की असली कहानियां अक्सर फिल्म के फाइनल कट से ज्यादा दिलचस्प होती हैं। चाहे इसे पेशेवर अनुशासन माना जाए या फिर एक फिजूलखर्ची, यह किस्सा इंडस्ट्री की यादों का एक अहम हिस्सा बना हुआ है।

द्वारा अनन्या अय्यर
वैश्विक मामले संवाददाता

अनन्या अय्यर पॉलिटिकलपीडिया के लिए भारतीय दृष्टिकोण से वैश्विक मामलों को कवर करती हैं।