मौसम अपडेट 6 जून: उत्तराखंड और ओडिशा के लिए IMD का भारी बारिश का अलर्ट, देश में मौसम का दोहरा मिजाज
मौसम अपडेट आज, 06 जून 2026: उत्तराखंड और इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना; IMD ने ओडिशा में बारिश को लेकर दी ये जानकारी...

मानसून के बदलाव के साथ मौसम का मिजाज बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है, जबकि पूर्वी क्षेत्रों में लू (हीटवेव) का प्रकोप बना हुआ है।
भारत इस समय मौसम के एक बड़े विरोधाभास का सामना कर रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) जून के इस महीने में देश को प्रभावित करने वाली दो अलग-अलग मौसमी प्रणालियों पर नजर रख रहा है। जहां उत्तर के पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की तैयारी है, वहीं ओडिशा के कुछ हिस्से भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं, जो प्री-मानसून और शुरुआती मानसून के बदलाव की जटिलता को दर्शाता है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: बारिश का दौर जारी
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। अगले 72 घंटों में पहाड़ी और मैदानी दोनों जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने पुष्टि की है कि टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, देहरादून और बागेश्वर जैसे क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है, जहां हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है और अधिकारियों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी कुछ ऐसा ही हाल है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बारिश का यह दौर 11 जून तक जारी रहने की उम्मीद है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, कसौली में 33 मिमी और शिमला में 32.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। स्थानीय मौसम कार्यालयों ने चंबा, कांगड़ा और मंडी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जहां लोगों को तेज हवाओं और अचानक आए तूफानों से बुनियादी ढांचे को होने वाले संभावित नुकसान के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है।
ओडिशा में लू का प्रकोप जारी
उत्तर भारत में बारिश के अलर्ट के विपरीत, ओडिशा इस समय भीषण लू की चपेट में है। शुक्रवार के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी भुवनेश्वर सहित कम से कम आठ स्थानों पर दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। बौध राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालांकि, जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि IMD ने भविष्यवाणी की है कि अगले चार दिनों में राज्य भर में गरज के साथ बारिश होने से गर्मी का असर कम हो सकता है।
मौसमी बदलाव को समझना
जून की शुरुआत में इस तरह का मौसमी उतार-चढ़ाव सामान्य है, क्योंकि देश मानसून की हवाओं के बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ये मौसम अपडेट कृषि योजना और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं, खासकर पहाड़ी इलाकों में जहां भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा रहता है। हालांकि मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन उत्तर की ठंडी बारिश और पूर्व की भीषण गर्मी के बीच का यह अंतर भारत की जलवायु की भौगोलिक विविधता को दर्शाता है। मौसम पर लगातार नजर रखी जा रही है और अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सप्ताहांत के दौरान IMD के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपडेट रहें।
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