गोरखपुर में खौफ: मां के पास सो रही 9 महीने की बच्ची का अपहरण, घर से दूर घायल अवस्था में मिली
UP: रात में मां के पास सो रही 9 महीने की बच्ची गायब, सुबह 500 मीटर दूर घायल-अधनग्न मिली; जांच में जुटी पुलिस
गुलरिहा थाना क्षेत्र के एक गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब रात के सन्नाटे में मां के पास सो रही एक मासूम बच्ची अचानक गायब हो गई और घंटों बाद दर्दनाक हालत में मिली।
इस घटना ने गोरखपुर जिले को झकझोर कर रख दिया है। मूल रूप से महाराजगंज के पनियरा की रहने वाली यह परिवार पिछले एक दशक से गुलरिहा इलाके में रह रहा है। शुक्रवार रात माता-पिता अपनी नौ महीने की बेटी के साथ सो रहे थे, तभी करीब रात 2:00 बजे मां की नींद खुली तो बच्ची बिस्तर से गायब थी।
इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों और पड़ोसियों ने पूरी रात आसपास के खेतों और गलियों में बच्ची की तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। जैसे-जैसे समय बीतता गया, परिवार की चिंता और डर गहराता गया।
शनिवार सुबह यह तलाश एक दुखद मोड़ पर खत्म हुई। खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों ने घर से करीब 500 मीटर दूर एक टीन शेड के पास बच्ची को पड़ा देखा। बच्ची अधनग्न और अचेत अवस्था में थी और उसके शरीर पर चोट के निशान थे, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
इलाज के लिए संघर्ष
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एम्बुलेंस की मदद से बच्ची को भटहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए BRD मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
यह मामला क्यों गंभीर है
यह घटना, जो अब एक फीचर-स्टोरी के रूप में चर्चा का विषय बनी है, ग्रामीण सुरक्षा की खामियों और मासूमों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को उजागर करती है। पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए जांच कर रही है, लेकिन यह घटना स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि आखिर माता-पिता के सोते समय कोई बच्ची को कमरे से कैसे उठा ले गया, जो किसी सोची-समझी साजिश या सुरक्षा में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ और इस घटना ने पड़ोस की सुरक्षा पर लोगों के भरोसे को हिला दिया है।
अधिकारी फिलहाल घटनास्थल से सबूत जुटा रहे हैं और इसे उच्च प्राथमिकता वाला आपराधिक मामला मानकर जांच कर रहे हैं। बच्ची जहां अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है, वहीं गांव में दहशत का माहौल है और लोग इस बात का जवाब मांग रहे हैं कि उनके बीच से इतनी बड़ी वारदात को अंजाम कैसे दिया गया।
रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।