फल्टा से बॉर्डर तक: TMC के बाहुबली जहांगीर खान को छुड़ाने की कोशिश में पत्नी सरीना बीबी गिरफ्तार
फल्टा से उम्मीदवार रहे टीएमसी नेता जहांगीर खान को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की साजिश रचने के आरोप में उनकी पत्नी गिरफ्तार
सरीना बीबी की गिरफ्तारी विवादित तृणमूल नेता के नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक बड़ा मोड़ है, जो स्थानीय पुलिस स्टेशन में हुए तनावपूर्ण गतिरोध के बाद सामने आया है।
8 जून को भारत-नेपाल सीमा के पास पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद से फल्टा में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर 'पुष्पा' के नाम से मशहूर खान का निर्वाचन क्षेत्र में प्रभाव लंबे समय से जांच का विषय रहा है, खासकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान हुई अनियमितताओं के आरोपों के बाद। अब पुलिस ने उनकी पत्नी सरीना बीबी को गिरफ्तार कर उनके करीबी घेरे पर कानूनी शिकंजा कस दिया है। उन पर फल्टा पुलिस स्टेशन पर हिंसक हमला करने और अपने पति को जबरन छुड़ाने की साजिश रचने का आरोप है।
एक सोची-समझी साजिश
जांचकर्ताओं का आरोप है कि 17 जून को सरीना बीबी ने शटोल कोलसा इलाके में लगभग 400 समर्थकों की भीड़ जुटाई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह कोई अचानक हुआ विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि स्थानीय थाने को घेरकर खान को हिरासत से निकालने का एक सुनियोजित प्रयास था। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस योजना की पहले ही भनक लग गई थी, जिसके चलते पुलिस और केंद्रीय बलों को पहले ही तैनात कर दिया गया था। यह त्वरित कार्रवाई एक बड़े कानून-व्यवस्था संकट को टालने में निर्णायक साबित हुई।
हालांकि पुलिस ने स्थिति को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया, लेकिन इस घटना के सिलसिले में अब तक 25 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों के लिए, सरीना बीबी केवल एक सामान्य व्यक्ति नहीं, बल्कि इस असफल ऑपरेशन की मुख्य सूत्रधार हैं। टीएमसी नेता के व्यापक नेटवर्क की जांच जारी रहने के साथ ही अब उन पर नए आरोप भी लगाए गए हैं।
'पुष्पा' का साया
इस टकराव की शुरुआत 17 जून की घटना से काफी पहले हो गई थी। जहांगीर खान का राजनीतिक करियर विवादों से घिरा रहा है। चुनावी अनियमितताओं के बाद जब उन्हें अपनी उम्मीदवारी वापस लेनी पड़ी थी, तब भी उनका नाम मतपत्रों पर बना रहा, जिसके कारण उनके क्षेत्र में दोबारा मतदान कराना पड़ा था। सीमा के पास पकड़े जाने से पहले, खान ने पांच अलग-अलग एफआईआर में कलकत्ता हाई कोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। जब अदालत ने उन्हें मिली अंतरिम राहत बढ़ाने से इनकार कर दिया, तो राज्य सरकार ने इस पूर्व बाहुबली के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है
सरीना बीबी की गिरफ्तारी स्थानीय सत्ता की राजनीति के उस पैटर्न को उजागर करती है, जहां किसी क्षेत्रीय 'बाहुबली' की गिरफ्तारी के बाद राज्य की न्यायिक और पुलिस व्यवस्था को चुनौती देने के लिए सार्वजनिक अशांति फैलाई जाती है। यह मामला राजनीतिक डराने-धमकाने की संस्कृति पर लगाम लगाने के लिए राज्य प्रशासन के संकल्प की परीक्षा है। पुलिस स्टेशन पर हमले की कोशिश को नाकाम करके, अधिकारियों ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से निपटने के अपने रुख में बदलाव का संकेत दिया है। हालांकि, जुटाई गई भीड़ की संख्या यह दर्शाती है कि नेता के जेल में होने के बावजूद स्थानीय तंत्र अभी भी सक्रिय है, जो खान की गतिविधियों की जांच कर रही पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।