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बिहार शिक्षा विवाद: पटना कोचिंग सेंटर फायरिंग मामले में खान सर से फिर हो सकती है पूछताछ

बिहार शिक्षा विवाद: पटना कोचिंग सेंटर फायरिंग मामले में खान सर से फिर हो सकती है पूछताछ

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्कप्रकाशित 5 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
बिहार शिक्षा विवाद: पटना कोचिंग सेंटर फायरिंग मामले में खान सर से फिर हो सकती है पूछताछ
बिहार शिक्षा विवाद: पटना कोचिंग सेंटर फायरिंग मामले में खान सर से फिर हो सकती है पूछताछ

पटना के एक प्रमुख कोचिंग हब में 2 जून को हुई हिंसक झड़प की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, अधिकारी नए वीडियो सबूतों की बारीकी से जांच कर रहे हैं, जिसने घटना को लेकर पहले बनी धारणाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिहार में चल रहे शिक्षा विवाद ने एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया है, क्योंकि जांचकर्ता शिक्षक खान सर से फिर से पूछताछ करने की तैयारी कर रहे हैं। यह घटनाक्रम एक नए वीडियो क्लिप के सामने आने के बाद हुआ है, जो 2 जून को हुई पटना कोचिंग सेंटर फायरिंग की शुरुआती रिपोर्टों के विपरीत प्रतीत होता है। जहां शुरुआती खबरों में खान ग्लोबल स्टडीज पर बिना किसी उकसावे के हमले की बात कही गई थी, वहीं नए फुटेज में कथित तौर पर संस्थान से जुड़ा एक सुरक्षा गार्ड हंगामे के दौरान बंदूक चलाता हुआ दिखाई दे रहा है।

जांच में बदलते तथ्य

विवाद तब शुरू हुआ जब मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित कोचिंग संस्थान के बाहर गोलीबारी की खबरें सामने आईं। खान सर ने खुद सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि यह हिंसा उनके किफायती फीस मॉडल से डरे हुए व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा रची गई एक साजिश है। हालांकि, पटना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्रारंभिक जांच किसी साधारण गोलीबारी के बजाय तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की एक सोची-समझी घटना की ओर इशारा करती है।

नवीनतम वीडियो के वायरल होने के बाद, कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई करते हुए खान सर से जुड़े दो अंगरक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके हथियार जब्त कर लिए हैं। जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ रहा है, दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस बीच, ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रोशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को भी इसी घटना के सिलसिले में पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है।

तनाव और प्रतिद्वंद्विता

इस घटना में कम से कम एक सुरक्षा गार्ड घायल हुआ था, जिसके बाद राजधानी के छात्रों में काफी आक्रोश है। कोचिंग परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए और छात्रों ने बेहतर सुरक्षा व न्याय की मांग की। खान सर का कहना है कि यह हमला उनके कर्मचारियों को डराने और कक्षाएं बाधित करने की कोशिश थी। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संचालकों के एक बड़े 'नेक्सस' का हवाला दिया है, जो उनकी शैक्षिक पहुंच को अपने व्यावसायिक हितों के लिए खतरा मानते हैं।

जैसे-जैसे अधिकारी सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों की जांच कर रहे हैं, जांच का दायरा बढ़ गया है। जहां शुरुआती विरोध बाहरी हमले के आरोपों से प्रेरित था, वहीं अब पुलिस परस्पर विरोधी दावों को सुलझाने में जुटी है। उम्मीद है कि जांचकर्ता उस रात की घटनाओं को स्पष्ट करने के लिए खान सर से दोबारा पूछताछ करेंगे, विशेष रूप से उनके सुरक्षा कर्मियों के आचरण और उन परिस्थितियों के बारे में, जिनके कारण हथियार चलाने की नौबत आई।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क
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