Politicalpedia
राष्ट्रीय

दोपहर में ही छाई आधी रात: दिल्ली-NCR में अचानक आया भीषण तूफान

दिल्ली में बारिश: 92 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, दिल्ली-NCR में बदला मौसम का मिजाज

द्वारा कबीर शर्माप्रकाशित 16 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
दोपहर में ही छाई आधी रात: दिल्ली-NCR में अचानक आया भीषण तूफान
दोपहर में ही छाई आधी रात: दिल्ली-NCR में अचानक आया भीषण तूफान

92 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं और धूल भरे तूफान ने राजधानी को भीषण गर्मी से राहत तो दिलाई, लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

सोमवार दोपहर 3:00 बजे तक राष्ट्रीय राजधानी की सड़कें धूल भरी धुंध में खो गईं। उमस भरी सुबह के बाद मौसम ने अचानक करवट ली, जब रोहतक की ओर से आए बादलों ने दिल्ली-NCR क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। सड़क पर मौजूद यात्रियों के लिए यह बदलाव चौंकाने वाला था; दृश्यता इतनी कम हो गई कि दोपहर में ही वाहनों की हेडलाइट्स जलानी पड़ीं।

यह कोई सामान्य बारिश नहीं थी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, और मौसम ने अपनी तीव्रता से इसे सच साबित कर दिया। पालम में 92 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गईं, जिससे सड़कें धूल और मलबे से भर गईं। नोएडा और गाजियाबाद से लेकर ITO, राजीव चौक और राष्ट्रपति भवन के आसपास के इलाकों तक, पूरे क्षेत्र ने प्रकृति के इस रौद्र रूप को महसूस किया।

अलर्ट पर शहर

IMD की ट्रैकिंग के अनुसार, बादलों का एक बड़ा समूह दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़ रहा है, जिससे बवाना, पटेल नगर और तुगलकाबाद जैसे इलाकों में बिजली कड़कने और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि हवा की रफ्तार 60 से 80 किमी प्रति घंटे के बीच बनी हुई है, लेकिन बारिश ने गर्मी से काफी राहत दी है।

इस नाटकीय बदलाव के बावजूद, तापमान के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। सफदरजंग वेधशाला ने न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है। यह याद दिलाता है कि भले ही मौसम ठंडा हुआ है, लेकिन शहर का आधारभूत तापमान अभी भी काफी अधिक बना हुआ है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह मौसमी उथल-पुथल अचानक जलवायु परिवर्तन के सामने हमारे शहरी बुनियादी ढांचे की कमजोरी को दर्शाती है। जब 92 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं किसी घने महानगर से टकराती हैं, तो यह सिर्फ ट्रैफिक के लिए परेशानी नहीं, बल्कि शहर के पावर ग्रिड, पेड़ों और परिवहन नेटवर्क के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है। हालांकि यह बारिश NCR के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन हरियाणा के इलाकों से उठने वाले ये धूल भरे तूफान प्री-मानसून चक्र का एक सामान्य हिस्सा बनते जा रहे हैं। दिल्ली की बारिश और तूफान का यह पैटर्न बताता है कि मानसून का आगमन अब सीधा नहीं, बल्कि आक्रामक और अचानक होता है।

फिलहाल, मौसम विभाग की सलाह है कि ताजा अपडेट पर नजर रखें। बादल गतिशील हैं, हवाएं अप्रत्याशित हैं, और जैसा कि आज साबित हुआ, राजधानी का मौसम चिलचिलाती दोपहर से तूफानी शाम में कुछ ही मिनटों में बदल सकता है।

द्वारा कबीर शर्मा
फ़ीचर्स लेखक

कबीर शर्मा पॉलिटिकलपीडिया के लिए संस्कृति, तकनीक और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लिखते हैं।