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वह रफ्तार जिसने कंगारुओं को हिला दिया: मीरपुर में नाहिद राणा ने कैसे पलटी बाजी

हम नाहिद राणा को खेल से बाहर नहीं रख पाए: एलेक्स कैरी

द्वारा रोहन गुप्ताप्रकाशित 11 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
वह रफ्तार जिसने कंगारुओं को हिला दिया: मीरपुर में नाहिद राणा ने कैसे पलटी बाजी
वह रफ्तार जिसने कंगारुओं को हिला दिया: मीरपुर में नाहिद राणा ने कैसे पलटी बाजी

एलेक्स कैरी ने स्वीकार किया कि मीरपुर में मिली इस ऐतिहासिक वनडे जीत के दौरान ऑस्ट्रेलिया उभरते हुए बांग्लादेशी तेज गेंदबाज को रोकने में संघर्ष करता नजर आया।

मंगलवार को मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में एक दुर्लभ नजारा देखने को मिला, जहां बांग्लादेशी तेज गेंदबाजी आक्रमण ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। 86 रनों की इस ऐतिहासिक जीत के केंद्र में 23 वर्षीय नाहिद राणा थे, जिन्होंने 41 रन देकर 4 विकेट चटकाए और मेहमान टीम को सोचने पर मजबूर कर दिया। साल 2005 में कार्डिफ में मिली जीत के बाद यह पहला मौका है जब बांग्लादेश ने वनडे में ऑस्ट्रेलिया को मात दी है, जो सीरीज की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।

एलेक्स कैरी के लिए मैच के बाद की चर्चा का मुख्य केंद्र सिर्फ एक खिलाड़ी था। कैरी ने माना, "हम नाहिद राणा को खेल से बाहर नहीं रख पाए।" उन्होंने स्वीकार किया कि हालांकि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इस लंबे कद के गेंदबाज के फुटेज देखे थे, लेकिन उनकी उछाल और गति का मैदान पर सामना करना पूरी तरह से अलग चुनौती थी। ऑस्ट्रेलियाई खेमे ने खतरे को पहचाना था, लेकिन राणा का दूसरे स्पेल में घातक वापसी करना ही मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

रणनीतिक चूक

यह हार उन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के लिए एक आईना थी, जो पाकिस्तान का दौरा खत्म करके बांग्लादेश पहुंचे थे। कैरी ने कहा कि मीरपुर की परिस्थितियां हालिया दौरों से बिल्कुल अलग थीं और उन्होंने माना कि टीम फील्डिंग समेत खेल के हर विभाग में विफल रही। हालांकि पिच पर थोड़ा तनाव भी देखने को मिला—जिसमें जोश इंग्लिश और युवा तेज गेंदबाज के बीच हुई बहस भी शामिल थी—लेकिन ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व संयम बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

मेहमान टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कम समय में वापसी करने की है। गुरुवार और रविवार को होने वाले दूसरे और तीसरे वनडे को लेकर कैरी अपनी टीम के तालमेल बिठाने की क्षमता को लेकर आशान्वित हैं। टीम का ध्यान अब रिकवरी और रणनीति में सुधार पर है, ताकि सीरीज हाथ से निकलने से पहले राणा के प्रभाव को कम किया जा सके।

यह जीत क्यों अहम है

यह सीरीज का पहला मैच बांग्लादेश के लिए सिर्फ एक जीत नहीं है; यह उनके तेज गेंदबाजी विभाग के लिए एक बड़ा पड़ाव है। ऐतिहासिक रूप से, बांग्लादेश घरेलू मैदानों पर स्पिन पर निर्भर रहा है, लेकिन राणा जैसे वास्तविक तेज गेंदबाज का उदय मेहमान टीमों के लिए रणनीतिक समीकरण बदल देता है। यदि वह अपनी लय बरकरार रखते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीमों को मीरपुर की पिच के लिए अपनी रणनीति फिर से बनानी होगी, जिससे बाकी सीरीज में मेहमान बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

द्वारा रोहन गुप्ता
बिज़नेस संवाददाता

रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।