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इंडिया U19 का नया रूप: श्रीलंका दौरे के लिए चुनी गई टीम में अन्वय द्रविड़ शामिल

IND U19 vs SL U19: वैभव-आयुष के बाद बदल गई भारतीय अंडर 19 टीम, राहुल द्रविड़ के बेटे का चयन; देखें श्रीलंका दौरे का पूरा स्क्वाड

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 11 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
इंडिया U19 का नया रूप: श्रीलंका दौरे के लिए चुनी गई टीम में अन्वय द्रविड़ शामिल
इंडिया U19 का नया रूप: श्रीलंका दौरे के लिए चुनी गई टीम में अन्वय द्रविड़ शामिल

BCCI ने जुलाई में होने वाले श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 टीम में बड़ा बदलाव करते हुए नई प्रतिभाओं को मौका दिया है और नेतृत्व में भी बदलाव किया है।

भारत में युवा क्रिकेट का चक्र बेहद तेज है। इस साल की शुरुआत में अंडर-19 वर्ल्ड कप की शानदार सफलता के बाद, जहां वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे सितारों ने अपनी पहचान बनाई, चयनकर्ताओं ने अब एक नई शुरुआत करने का फैसला किया है। BCCI की जूनियर क्रिकेट समिति ने 11 जून, 2026 को टीम की घोषणा की, जो श्रीलंका में होने वाली महत्वपूर्ण सीरीज के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है।

वनडे और मल्टी-डे मैचों के लिए चुनी गई टीम में कई नए चेहरे शामिल हैं। विशेष रूप से, पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को पहली बार IND U19 टीम में जगह मिली है। विकेटकीपर-बल्लेबाज को विशेष रूप से दौरे के सीमित ओवरों के चरण के लिए चुना गया है, एक ऐसा कदम जो निश्चित रूप से खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित करेगा।

नेतृत्व और टीम संरचना

व्हाइट-बॉल और रेड-बॉल दोनों फॉर्मेट में टीम की कमान यशवर्धन सिंह चौहान को सौंपी गई है, जिन्हें कप्तान बनाया गया है। उनके साथ, लक्ष्य रायचंदानी पूरी सीरीज के लिए उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगे। हालांकि टीम के मुख्य ढांचे को नया रूप दिया गया है, लेकिन चयनकर्ताओं ने विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी में संतुलन बनाए रखा है। वनडे सेटअप में रजत बघेल और अन्वय द्रविड़ विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी साझा करेंगे।

यह दौरा 4 जुलाई को हंबनटोटा में तीन वनडे मैचों की सीरीज के साथ शुरू होगा, जिसके बाद गाले और कोलंबो में दो मल्टी-डे मैच खेले जाएंगे। यह कार्यक्रम इन किशोरों की तकनीकी क्षमता को अलग-अलग परिस्थितियों में परखने के लिए तैयार किया गया है, जो भविष्य के फर्स्ट-क्लास क्रिकेटरों के लिए BCCI के विकास रोडमैप का एक अहम हिस्सा है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

टीम में यह बदलाव भारतीय क्रिकेट की 'कन्वेयर बेल्ट' प्रणाली की याद दिलाता है। वर्ल्ड कप वाली टीम से आगे बढ़कर बोर्ड अगली पीढ़ी की प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर दे रहा है। जहां वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी अन्य प्रतिस्पर्धी सर्किट में जलवा बिखेर रहे हैं, वहीं यहाँ ध्यान जूनियर स्तर पर भारत का दबदबा बनाए रखने के लिए नई पीढ़ी की पहचान करने पर है। अन्वय द्रविड़ जैसे युवाओं के लिए उपनाम का दबाव अपरिहार्य है, लेकिन प्राथमिक लक्ष्य वही है: प्रदर्शन। क्षेत्रीय सर्किट से राष्ट्रीय U19 स्तर तक का सफर किसी भी उभरते हुए पेशेवर के करियर का सबसे महत्वपूर्ण कदम है, और यह दौरा इस समूह के लिए पहली बड़ी परीक्षा साबित होगा।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।