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रफ्तार के सौदागर को बुलावा: अशोक शर्मा को पहली बार इंडिया A टीम में मिली जगह

150Kmph की रफ्तार से बॉल डालने वाले को पहली बार टीम इंडिया A में मौका, बीच सीरीज में बदलाव-Reports

द्वारा अनन्या अय्यरप्रकाशित 16 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
रफ्तार के सौदागर को बुलावा: अशोक शर्मा को पहली बार इंडिया A टीम में मिली जगह
रफ्तार के सौदागर को बुलावा: अशोक शर्मा को पहली बार इंडिया A टीम में मिली जगह

घरेलू सत्र में शानदार प्रदर्शन और आईपीएल में अपनी छाप छोड़ने के बाद, यह तेज गेंदबाज श्रीलंका में टीम के साथ जुड़ने के लिए तैयार है।

भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदल रही है और इस बदलाव के केंद्र में एक ऐसा युवा खिलाड़ी है जो अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए जाना जाता है। राजस्थान में जन्मे और हाल ही में घरेलू क्रिकेट में गुजरात से खेलने वाले अशोक शर्मा को श्रीलंका में चल रही ट्राई-सीरीज के लिए इंडिया A टीम में शामिल किया गया है। सीरीज के बीच में यह बदलाव तेज गेंदबाज युधवीर सिंह के चोटिल होने के कारण हुआ है, जिससे एक ऐसे गेंदबाज के लिए मौका बन गया है जिसका मुख्य हथियार उसकी जबरदस्त रफ्तार है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शर्मा 16 जून को रवाना होने के बाद दांबुला में तिलक वर्मा की कप्तानी वाली टीम से जुड़ेंगे। यह समय काफी अहम है; श्रीलंका के खिलाफ करीबी हार के बाद, इंडिया A को 17 जून को अफगानिस्तान A के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला खेलना है। दबाव वाले माहौल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले इस गेंदबाज के लिए घरेलू क्रिकेट से इंटरनेशनल A-टीम तक का यह सफर उनके करियर का एक बड़ा मील का पत्थर है।

रफ्तार से बनी पहचान

शर्मा का सफर आसान नहीं रहा है। हालांकि उन्होंने 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ 55 लाख के अनुबंध के साथ आईपीएल में कदम रखा था, लेकिन सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन ने सबका ध्यान खींचा। 22 विकेट लेकर उन्होंने 11 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया और खुद को एक घातक गेंदबाज के रूप में स्थापित किया। गुजरात टाइटंस के साथ आईपीएल 2026 में 90 लाख की बोली के साथ उन्हें अपना हुनर दिखाने का मंच मिला, जहां उन्होंने 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार छूकर सबको हैरान कर दिया।

शर्मा को राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के लिए एक दिलचस्प विकल्प बनाने वाली चीज उनकी रणनीतिक विविधता है। यह सिर्फ तेज गेंदबाजी के बारे में नहीं है; वे अपनी 150 किमी प्रति घंटे की गेंदों के साथ 115 किमी प्रति घंटे की धीमी गेंद का भी बेहतरीन इस्तेमाल करते हैं, और दोनों का एक्शन एक जैसा होता है। अपनी गति में बदलाव करने की यह क्षमता और राजस्थान रॉयल्स के लिए नेट बॉलर रहने से लेकर मुख्य टीम तक का उनका संघर्ष यह दर्शाता है कि वे घरेलू क्रिकेट की चुनौतियों से परिपक्व होकर निकले हैं।

यह क्यों मायने रखता है: पेस क्रांति

भारतीय तेज गेंदबाजी विभाग एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां लगातार तेज गति से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों को तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। शर्मा को A-टीम में शामिल करना उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने की एक रणनीतिक चाल है।

बड़ी तस्वीर यह है कि BCCI अब 'प्रोजेक्ट बॉलर्स' पर ध्यान दे रहा है—ऐसे खिलाड़ी जिन्हें सिर्फ मौजूदा आंकड़ों से नहीं, बल्कि उनकी शारीरिक क्षमता और रफ्तार से बल्लेबाजों को चुनौती देने की काबिलियत से पहचाना जा रहा है। अगर शर्मा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और आईपीएल वाला अपना फॉर्म श्रीलंका की परिस्थितियों में भी बरकरार रख पाते हैं, तो वे भविष्य के लिए एक बड़ी संपत्ति साबित हो सकते हैं। अब असली चुनौती निरंतरता की है; आईपीएल के विस्फोटक प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की कठिन मांगों के बीच के अंतर को पाटना ही उनकी असली परीक्षा होगी।

द्वारा अनन्या अय्यर
वैश्विक मामले संवाददाता

अनन्या अय्यर पॉलिटिकलपीडिया के लिए भारतीय दृष्टिकोण से वैश्विक मामलों को कवर करती हैं।