लंबी परछाई: 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों के बीच रोहित शर्मा की प्रासंगिकता की जंग
IND vs AFG वनडे: 2027 वर्ल्ड कप के लिए ऑडिशन शुरू, रोहित शर्मा पर टिकीं निगाहें
जैसे ही भारत का सामना अफगानिस्तान से हो रहा है, सारा ध्यान उस अनुभवी कप्तान पर है जो अगले वनडे वर्ल्ड कप चक्र के लिए अपनी सहनशक्ति साबित करने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
धर्मशाला का मैदान शायद ही कभी शांत रहता है, लेकिन IND vs AFG वनडे की पूर्व संध्या पर भारतीय खेमे में एक अलग ही खामोशी और गंभीरता थी। रोहित शर्मा, जो आमतौर पर किसी भी महफिल की जान होते हैं, आज काफी सोच-विचार में डूबे नजर आए। जहां उनके साथी खिलाड़ी जोश के साथ अभ्यास कर रहे थे, वहीं 39 वर्षीय रोहित पूरी एकाग्रता के साथ अपनी तैयारी में जुटे थे, जैसे उन्हें पता हो कि वक्त तेजी से बीत रहा है। 11,577 रन और 33 शतकों के साथ उनके आंकड़े शानदार हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या उनका शरीर 2027 वर्ल्ड कप चक्र की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है?
क्या नेतृत्व में बदलाव का समय आ गया है?
नेट्स में जो माहौल था, वह किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस से कम नहीं था। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कप्तान शुभमन गिल के साथ लंबी और गंभीर चर्चा की, जबकि रोहित देर शाम तक टी दिलीप की देखरेख में अपनी स्लिप कैचिंग पर काम करते रहे। गिल के लिए कप्तानी एक नाजुक स्थिति है: वह भविष्य की टीम तैयार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उस खिलाड़ी को भी संभालना है जिसने कभी उनके करियर को संवारने में मदद की थी। जैसे-जैसे मैनेजमेंट खिलाड़ियों को रोटेट कर रहा है—जिसमें केएल राहुल, ईशान किशन और यशस्वी जायसवाल जैसे नाम शामिल हैं—यह सीरीज एक बड़े ऑडिशन की तरह है। टीम को एक दिग्गज के प्रति सम्मान और 15 महीने बाद दक्षिण अफ्रीका में होने वाले टूर्नामेंट के लिए एक मजबूत टीम बनाने की कठोर सच्चाई के बीच संतुलन बनाना होगा।
फिटनेस का मुद्दा
ड्रेसिंग रूम में चर्चा सिर्फ फॉर्म की नहीं, बल्कि फिटनेस की भी है। रोहित कभी भी आधुनिक, बेहद एथलेटिक क्रिकेटर के पोस्टर बॉय नहीं रहे, लेकिन उनकी मौजूदगी का प्रभाव हमेशा उनकी गति से कहीं ज्यादा रहा है। अब, मैनेजमेंट उनकी हर हरकत पर बारीकी से नजर रख रहा है। विराट कोहली के हैमस्ट्रिंग चोट के कारण बाहर होने से एक मजबूत स्क्वाड की जरूरत और बढ़ गई है, जिससे चयनकर्ताओं को अपने विकल्प बढ़ाने पड़ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर्षित राणा चेन्नई में तीसरे वनडे के लिए टीम से जुड़ सकते हैं, जो यह दर्शाता है कि टीम मैनेजमेंट युवा और ऊर्जावान खिलाड़ियों को मौका देने के लिए गंभीर है, जो लंबे टूर्नामेंट की थकान झेल सकें।
यह क्यों मायने रखता है
भारतीय क्रिकेट में बदलाव का दौर कभी आसान नहीं होता, और अफगानिस्तान के खिलाफ यह सीरीज एक लंबी और संभावित रूप से कठिन प्रक्रिया की शुरुआत है। पैटर्न साफ है: चयनकर्ता अब 'सेफ्टी फर्स्ट' वाली पुरानी सोच से आगे बढ़ रहे हैं। अभी अलग-अलग कॉम्बिनेशन आजमाकर टीम मैनेजमेंट यह स्वीकार कर रहा है कि 2027 की तैयारी सिर्फ नए टैलेंट को खोजने के बारे में नहीं है—यह इस बारे में भी है कि क्या रोहित जैसे अनुभवी खिलाड़ी विशेष भूमिकाओं में ढल सकते हैं या टीम को पूरी तरह से युवा और फुर्तीले कोर पर भरोसा करना होगा। 'स्पॉटलाइट' सिर्फ रोहित की बल्लेबाजी पर नहीं है; यह नेतृत्व की उस हिम्मत पर भी है कि क्या वे बड़े ICC इवेंट के दबाव से पहले कड़े फैसले ले पाएंगे।
अनन्या अय्यर पॉलिटिकलपीडिया के लिए भारतीय दृष्टिकोण से वैश्विक मामलों को कवर करती हैं।