ओवल टेस्ट: रूट के संघर्ष ने न्यूजीलैंड की राह रोकी, मुकाबला रोमांचक मोड़ पर
रूट डटे रहे, लेकिन हेनरी और जैमीसन ने न्यूजीलैंड को ओवल में जीत की दहलीज पर पहुंचाया
जो रूट ने 14,000 टेस्ट रनों का ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया, लेकिन काइल जैमीसन और मैट हेनरी की घातक गेंदबाजी ने इंग्लैंड को सीरीज बचाने के लिए एक विशाल लक्ष्य का पीछा करने पर मजबूर कर दिया है।
द किया ओवल (The Kia Oval) एक तनावपूर्ण अंतिम दिन के लिए तैयार है, जहां इंग्लैंड विश्व रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा कर रहा है। 463 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक 182-5 रन बना लिए हैं। जो रूट अब न्यूजीलैंड और सीरीज बराबर करने वाली जीत के बीच एकमात्र बाधा बने हुए हैं।
दिन पूरी तरह से मेहमान टीम के नाम रहा, जिन्होंने हेनरी निकोल्स के शतक से मिली मजबूत स्थिति का पूरा फायदा उठाया। हालांकि इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लंच ब्रेक के ठीक बाद न्यूजीलैंड की दूसरी पारी 362 रनों पर समेट दी, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए 'ब्लैक कैप्स' के तेज गेंदबाजों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। काइल जैमीसन इंग्लैंड की मुसीबत के मुख्य सूत्रधार रहे, जिन्होंने अपनी लंबाई और सटीक सीम मूवमेंट का इस्तेमाल करते हुए 3-37 विकेट लिए और शाम के शुरुआती दौर में ही मेजबान टीम की कमर तोड़ दी।
रूट का मील का पत्थर
इस पतन के बीच, जो रूट ने इतिहास का एक दुर्लभ पल रचा। मैट हेनरी की गेंद को कवर की दिशा में खेलकर, पूर्व कप्तान टेस्ट क्रिकेट में 14,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के केवल दूसरे बल्लेबाज बन गए। उनका नाबाद 75 रनों का स्कोर एकाग्रता की मिसाल रहा है, हालांकि हैरी ब्रुक के 54 रनों के अलावा उन्हें किसी अन्य बल्लेबाज से ज्यादा समर्थन नहीं मिला। इन दोनों की साझेदारी ने इंग्लैंड की उम्मीदों को जीवित रखा और मैच को पांचवें दिन तक खींच ले गए, हालांकि बाद में ब्रुक हेनरी की गेंद पर स्लिप में कैच आउट हो गए।
न्यूजीलैंड के लिए लक्ष्य स्पष्ट है: पांच विकेट। पहले दिन से ही टेस्ट पर हावी रहने वाली यह टीम 1999 की अपनी प्रतिष्ठित टीम की सफलता को दोहराना चाहेगी। चाय के बाद मैच पर उनकी पकड़ थोड़ी ढीली जरूर हुई, लेकिन गेंदबाजों—विशेषकर अथक हेनरी—द्वारा दिखाई गई सटीकता ने यह सुनिश्चित किया है कि वे अभी भी जीत की स्थिति में हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह टेस्ट दबाव में इंग्लैंड की आक्रामक खेल शैली के लिए एक अग्निपरीक्षा साबित हो रहा है। हालांकि सुर्खियां रूट की व्यक्तिगत प्रतिभा पर केंद्रित हैं, लेकिन बड़ी तस्वीर एक बदलाव से गुजर रही इंग्लैंड टीम को दिखाती है। ट्रेंट ब्रिज में होने वाले तीसरे टेस्ट के लिए बेन स्टोक्स की संभावित वापसी की चर्चाओं के बीच, उच्च गुणवत्ता वाली और अनुशासित गेंदबाजी के खिलाफ मध्यक्रम की कमजोरी यह बताती है कि इस टीम में लंबे प्रारूप में दबदबा बनाए रखने के लिए गहराई की कमी है। यदि न्यूजीलैंड यह मैच जीतता है, तो यह सीरीज के निर्णायक मुकाबले को और रोमांचक बना देगा, जो दोनों टीमों के मानसिक लचीलेपन की परीक्षा लेगा। यह साबित करता है कि तेजी से रन बनाने के इस दौर में भी, सटीक लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना ही जीत की कुंजी है।
अंतिम सुबह रूट के साथ पदार्पण कर रहे जॉर्डन कॉक्स क्रीज पर होंगे, जबकि पवेलियन में एक लंबी और अनुभवहीन निचली क्रम की बल्लेबाजी बाकी है। जब तक इंग्लैंड कोई चमत्कार न कर दे, 'ब्लैक कैप्स' पांच साल पहले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद इंग्लैंड में अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीत दर्ज करने के लिए तैयार दिख रहे हैं।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।