आग की रात: ईरान की मिसाइल बारिश से दहला मिडिल ईस्ट, ट्रंप ने की संयम बरतने की अपील
देखें: ईरान के ताजा हमलों के बीच इजरायल के आसमान में बरसीं मिसाइलें
तेहरान द्वारा इजरायल पर किए गए ताजा हमलों के बाद मिडिल ईस्ट एक बड़े संघर्ष की कगार पर खड़ा है। इन हमलों ने पूरे क्षेत्र में एयर-रेड सायरन बजा दिए हैं और तनाव कम करने की तत्काल मांग तेज हो गई है।
इजरायल का रात का आसमान युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया, जब अंधेरे को चीरती हुई रोशनी की लकीरों ने 8 अप्रैल के नाजुक संघर्ष विराम के बाद सबसे बड़े तनाव को जन्म दिया। सायरन बजते ही लाखों लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे, जबकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मिसाइलों की बारिश का खौफनाक मंजर कैद हुआ। इजरायली सेना ने पुष्टि की कि उन्होंने कई खतरों को हवा में ही नाकाम कर दिया, हालांकि उत्तर में हुए धमाकों ने पूरे देश को दहला दिया और अधिकारियों को लोगों को सुरक्षित बंकरों में जाने का निर्देश देना पड़ा।
यह ताजा तनाव बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए इसे दक्षिणी लेबनान में लोगों की 'व्यापक हत्या और विस्थापन' का सीधा जवाब बताया है। तेहरान ने कड़ी चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की और आक्रामकता का जवाब और भी बड़े हमलों से दिया जाएगा, जिसमें पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और जायोनी संपत्तियों को निशाना बनाया जा सकता है।
राजनयिक खींचतान
जहां इजरायल के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर सहित सैन्य अधिकारी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार दिख रहे हैं, वहीं अब सबकी निगाहें वाशिंगटन के गलियारों पर टिकी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से संयम बरतने को कहा है। सूत्रों का कहना है कि ट्रंप का मानना है कि उन्होंने इजरायली नेता को तत्काल जवाबी हमले से रोक दिया है। उन्होंने फाइनेंशियल टाइम्स से अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा, "मैं ही सब तय करता हूं, वह नहीं।"
स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है। इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफिन ने ईरानी हमले को एक 'गंभीर गलती' करार दिया है, वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय यह देख रहा है कि क्या दशकों से चले आ रहे जवाबी हमलों के इस चक्र को रोका जा सकता है। ईरानी अधिकारियों ने अपने पश्चिमी हवाई क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया है और वे किसी भी संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हैं, जबकि तेहरान की सड़कों पर भीड़ मिसाइल लॉन्च को लाइव देखने के लिए जमा हो गई थी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह केवल सैन्य हमलों का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय यथास्थिति का पूरी तरह से टूटना है। अप्रैल के संघर्ष विराम का विफल होना यह दर्शाता है कि जिस निवारण रणनीति ने हफ्तों तक शांति बनाए रखी थी, वह अब खत्म हो चुकी है। भारत के लिए, जिसके मिडिल ईस्ट और पश्चिम दोनों के साथ गहरे रणनीतिक और ऊर्जा संबंध हैं, यह अस्थिरता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्र में रह रहे भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा जोखिम है। पैटर्न स्पष्ट है: तेहरान की ओर से हर 'चेतावनी' और तेल अवीव की ओर से हर 'दृढ़ प्रतिक्रिया' क्षेत्र को पूर्ण युद्ध की ओर धकेल रही है, जिसे एक बार शुरू होने के बाद नियंत्रित करना किसी के लिए भी संभव नहीं होगा।
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