बालाघाट में आकाशीय बिजली का कहर: फॉरेस्ट वॉच टावर पर गिरी बिजली, 3 की मौत
बालाघाट में आकाशीय बिजली गिरने से 3 युवकों की मौत, 6 घायल, बारिश से बचने चढ़े थे वॉच टावर पर
मध्य प्रदेश में मछली पकड़ने गए कुछ युवकों के लिए एक सामान्य दोपहर उस समय जानलेवा साबित हुई, जब अचानक आए तूफान ने उन्हें एक बेहद जोखिम भरी जगह पर शरण लेने के लिए मजबूर कर दिया।
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर इलाके में स्थित भमोड़ी गांव में इस जून महीने में आकाशीय बिजली गिरने की एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। बिरवा हवाई पट्टी के पास मछली पकड़ने गए युवकों के लिए दोपहर करीब 2:00 बजे अचानक आया तेज तूफान जान बचाने की जद्दोजहद में बदल गया।
मूसलाधार बारिश से बचने के लिए नौ लोग वन विभाग के एक वॉच टावर में जा छिपे। दुखद रूप से, निगरानी के लिए बना वह ढांचा ही उनके लिए मौत का जाल बन गया। जैसे ही तूफान तेज हुआ, पास के एक पेड़ पर बिजली गिरी, जिससे वॉच टावर में जोरदार करंट दौड़ गया। इसका असर इतना भीषण था कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि 19 वर्षीय सतीश वाल्के और 18 वर्षीय लकी मेरावी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, तीसरे पीड़ित 32 वर्षीय झमसिंह ताराम ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। छह अन्य लोग घायल हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए बालाघाट जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
समय के खिलाफ दौड़
बैहर थाना प्रभारी जयंत मार्सकोले ने बताया कि डायल 100 सेवा के जरिए पुलिस को घटना की सूचना मिली। मार्सकोले ने कहा, "हम तुरंत मौके पर पहुंचे और पीड़ितों को बैहर अस्पताल पहुंचाया।" घटना की जांच जारी है और पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शवों को शोक संतप्त परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह घटना क्यों महत्वपूर्ण है
यह घटना भले ही स्थानीय त्रासदी लगे, लेकिन यह मध्य भारत के ग्रामीण और वन क्षेत्रों में मानसून के दौरान बदलते मौसम के खतरों को उजागर करती है। ETV भारत मध्य प्रदेश टीम द्वारा जून 26 को प्रकाशित और अपडेट की गई मूल रिपोर्ट एक बड़ी सुरक्षा खामी की ओर इशारा करती है: बिजली कड़कने के दौरान ऊंचे धातु या लकड़ी के ढांचों में शरण लेने के खतरों के प्रति जागरूकता की कमी। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की चरम घटनाएं बढ़ रही हैं, ऐसे में खेतों और जंगलों में काम करने वालों के लिए बेहतर आपदा तैयारी और पूर्व चेतावनी प्रणाली जिला प्रशासन की एक बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
बड़ी तस्वीर
यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरना मौत का एक बड़ा, लेकिन रोकथाम योग्य कारण है। विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि गरज के साथ बारिश होने पर पेड़ों के नीचे या फॉरेस्ट वॉच टावर जैसे ऊंचे और अकेले ढांचों में शरण न लें। हालांकि स्थानीय बचाव अभियान त्वरित था, लेकिन तीन युवाओं की दुखद मौत उन ग्रामीण समुदायों की असुरक्षा को दर्शाती है जो अपनी आजीविका के लिए हर दिन खुले में काम करने को मजबूर हैं।
प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।