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बाजार में राहत: होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति की उम्मीद से जापान और कोरियाई शेयरों में तेजी

होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीदों से जापान और कोरियाई बाजारों में उछाल

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 15 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
बाजार में राहत: होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति की उम्मीद से जापान और कोरियाई शेयरों में तेजी
बाजार में राहत: होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति की उम्मीद से जापान और कोरियाई शेयरों में तेजी

ईरान संघर्ष में संभावित कमी के संकेतों से निवेशकों का उत्साह बढ़ा है, जिससे क्षेत्रीय बाजारों में नई जान आ गई है।

टोक्यो और सियोल के ट्रेडिंग फ्लोर का नजारा आज सुबह बिल्कुल अलग था। मध्य पूर्व के अस्थिर ऊर्जा गलियारे से जुड़ी हफ्तों की अनिश्चितता के बाद, निवेशकों में आखिरकार आशा की किरण दिखाई दी है। पूरे एशिया के बाजारों में तेजी आई है, जिसका मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की बढ़ती उम्मीदें हैं, जिससे वैश्विक व्यापार को लेकर बनी आपूर्ति श्रृंखला की चिंताएं कम हो रही हैं।

निक्केई इंडेक्स इस रैली का मुख्य केंद्र रहा है, जो इतिहास में पहली बार 65,000 अंक के स्तर को पार कर गया है। साथ ही, दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में भी जबरदस्त खरीदारी देखी गई, जो विभिन्न ट्रेडिंग सत्रों में 4% से 8% तक उछल गया। निवेशकों ने अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की संभावनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया है। तेल की कीमतें, जो दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के धैर्य की परीक्षा ले रही थीं, अब नीचे आने लगी हैं, जिससे आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं को बड़ी राहत मिली है।

वैश्विक प्रभाव

इन घटनाक्रमों का असर केवल स्थानीय एक्सचेंजों तक सीमित नहीं है। अमेरिका के डॉव जोन्स से लेकर हांगकांग और सिंगापुर जैसे क्षेत्रीय केंद्रों तक, हर जगह राहत का माहौल है। हालांकि गुड फ्राइडे की छुट्टी के कारण कुछ बाजार बंद रहे, लेकिन जापान और कोरिया में दिख रही तेजी यह बताती है कि तेल की कीमतों में शामिल 'वॉर प्रीमियम' को अब कम किया जा रहा है। ब्रेंट क्रूड, जो 100 अमेरिकी डॉलर के स्तर को पार कर गया था, उस पर अब दबाव बढ़ रहा है क्योंकि संघर्ष विराम की संभावनाओं को बल मिल रहा है।

निवेशक अब केवल ऊर्जा क्षेत्र से आगे देख रहे हैं। बाजार का यह उत्साह हाई-प्रोफाइल कॉर्पोरेट इवेंट्स, जैसे कि आगामी SpaceX मार्केट डेब्यू की प्रत्याशा से भी प्रेरित है, जो पूंजी को वापस जोखिम भरे एसेट्स की ओर मोड़ रहा है। रक्षात्मक रुख से विकास-उन्मुख खरीदारी की ओर यह बदलाव स्पष्ट संकेत है कि बाजार भू-राजनीतिक स्थिरता के किसी भी संकेत के लिए तैयार हैं।

यह क्यों मायने रखता है

इसका व्यापक अर्थ यह है कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा एशियाई इक्विटी के स्वास्थ्य के साथ कितनी गहराई से जुड़ी हुई है। जापान और कोरिया के लिए, होर्मुज जलडमरूमध्य केवल एक भौगोलिक चेकपॉइंट नहीं है; यह ऊर्जा आयात के लिए एक महत्वपूर्ण धमनी है। जब उस मार्ग को खतरा होता है, तो व्यापारिक आत्मविश्वास डगमगा जाता है। इसके विपरीत, कूटनीतिक सफलता की महज संभावना भी एक तत्काल उत्प्रेरक का काम करती है।

हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। मध्य पूर्व की कूटनीति का इतिहास शायद ही कभी सीधा रहा है, और बाजार खबरों पर बहुत तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं। हालांकि वर्तमान रैली मजबूत है, लेकिन यह चल रही बातचीत की नाजुक नींव पर टिकी है। यदि शांति वार्ता की गति धीमी पड़ती है, तो वही अस्थिरता जो निक्केई को रिकॉर्ड ऊंचाई पर ले गई है, उसे उतनी ही तेजी से नीचे भी खींच सकती है। फिलहाल, बाजार सबसे अच्छे परिदृश्य पर दांव लगा रहे हैं।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।