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बाजार ने फिर हासिल किया 24,000 का स्तर: जानें बुधवार की तेजी के पीछे IT और बैंकिंग शेयरों का हाथ

सेंसेक्स 790 अंक उछला; बैंकिंग और IT शेयरों के दम पर निफ्टी 24,000 के पार बंद

द्वारा कबीर शर्माप्रकाशित 25 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
बाजार ने फिर हासिल किया 24,000 का स्तर: जानें बुधवार की तेजी के पीछे IT और बैंकिंग शेयरों का हाथ
बाजार ने फिर हासिल किया 24,000 का स्तर: जानें बुधवार की तेजी के पीछे IT और बैंकिंग शेयरों का हाथ

बुधवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में जोरदार रिकवरी देखने को मिली, जहां वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते निफ्टी 24,000 के स्तर को पार कर गया।

बुधवार को मुंबई के ट्रेडिंग फ्लोर पर एक अलग ही उत्साह नजर आया। बाजार में कई दिनों की अस्थिरता के बाद आखिरकार तेजी लौटी और सेंसेक्स 790.54 अंक उछलकर 76,991.22 पर बंद हुआ। व्यापक बाजार का पैमाना माने जाने वाले निफ्टी ने भी इस तेजी को बरकरार रखा और 24,000 के स्तर को फिर से हासिल करते हुए 24,021.65 पर कारोबार समाप्त किया।

कच्चे तेल का कनेक्शन

दोपहर में आई इस तेजी का मुख्य कारण केवल घरेलू धारणा ही नहीं, बल्कि ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगातार गिरावट थी। कच्चे तेल की कीमतें 76.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास, यानी कई महीनों के निचले स्तर पर बनी हुई हैं, जिसने बाजार के लिए एक बड़े सपोर्ट का काम किया। भारत जैसी अर्थव्यवस्था के लिए, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करती है, सस्ता कच्चा तेल महंगाई की चिंताओं को कम करता है, जिससे निवेशकों को फिर से खरीदारी करने का मौका मिला।

सेक्टर का हाल

बैंकिंग और IT शेयर इस तेजी के मुख्य इंजन रहे। Nifty IT इंडेक्स 2% से अधिक की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, जबकि HDFC Bank और ICICI Bank जैसे दिग्गज शेयरों ने बाजार को मजबूती प्रदान की। हालांकि व्यापक बाजार में सुधार हुआ, लेकिन यह हर क्षेत्र में नहीं दिखा। मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटो जैसे सेक्टर पिछड़ गए, क्योंकि ट्रेडर्स अभी भी चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगा रहे हैं।

यह क्यों मायने रखता है

यह रिकवरी चार्ट पर केवल एक दिन की तेजी से कहीं अधिक है। निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर एक मनोवैज्ञानिक बाधा है, जिसे पार करने से पिछले सत्र की घबराहट खत्म हो गई है। जब बाजार इन प्रमुख सपोर्ट स्तरों के ऊपर बना रहता है, तो यह संकेत देता है कि बाजार का रुझान सकारात्मक है। हालांकि, आगे की राह पूरी तरह साफ नहीं है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही धारणा में सुधार हुआ है, लेकिन निवेशकों को बहुत ज्यादा उत्साहित होने से बचना चाहिए। मौजूदा कंसोलिडेशन के दौर में व्यापक दांव लगाने के बजाय चुनिंदा शेयरों में अवसर तलाशना ही समझदारी है।

आगे की राह

ट्रेडर्स अब रेजिस्टेंस जोन पर कड़ी नजर रख रहे हैं। यदि बाजार इस स्तर से ऊपर टिकता है, तो नई खरीदारी देखने को मिल सकती है, लेकिन सपोर्ट स्तर टूटने पर फिर से अल्पकालिक अस्थिरता आ सकती है। बाजार विशेषज्ञों की राय स्पष्ट है: इस समय अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। जैसे-जैसे सप्ताह आगे बढ़ेगा, बाजार में सावधानी बनी रहेगी, जहां ऊर्जा की कीमतों में राहत और वैश्विक व्यापक आर्थिक वातावरण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी।

द्वारा कबीर शर्मा
फ़ीचर्स लेखक

कबीर शर्मा पॉलिटिकलपीडिया के लिए संस्कृति, तकनीक और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लिखते हैं।