सिएटल में भीषण गर्मी के बीच लुकाकू के आते ही बेल्जियम ने की जोरदार वापसी, मिस्र के साथ मैच ड्रॉ
लुकाकू ने मैदान पर उतरते ही दिखाया असर, मजबूरन हुआ आत्मघाती गोल और बेल्जियम को मिली बराबरी
उत्तरी अमेरिका की चिलचिलाती धूप में एक रणनीतिक गतिरोध का अंत बराबरी के साथ हुआ, जहां बेल्जियम और मिस्र ने हाई-स्टेक ग्रुप ओपनर में अंक साझा किए।
सिएटल स्टेडियम का माहौल दम घोंटने वाला था, 30 डिग्री सेल्सियस की गर्मी और मैच की तीव्रता किसी ग्रुप स्टेज के ओपनर से ज्यादा नॉकआउट मुकाबले जैसी लग रही थी। 66,775 प्रशंसकों के शोर के बीच, बेल्जियम और मिस्र एक रणनीतिक शतरंज के खेल में उलझे हुए थे। हालांकि कूलिंग ब्रेक खिलाड़ियों के लिए जरूरी राहत थे, लेकिन असली गर्मी उस मिस्र की टीम ने पैदा की जो यूरोपीय दिग्गजों से डरने को तैयार नहीं थी।
मिस्र को सफलता 20वें मिनट में मिली, जिसे मोहम्मद सलाह के 34वें जन्मदिन पर उनकी सटीकता के लिए याद रखा जाएगा। स्टार प्लेमेकर ने इमाम अशूर को एक बेहतरीन पास दिया, जिन्होंने डी के ऊपरी हिस्से से थिबॉट कोर्टुआ को छकाते हुए लो शॉट के जरिए गोल दागा। अल-अहली के मिडफील्डर के लिए यह एक शानदार फिनिश थी। अगले एक घंटे तक, मिस्र की रक्षा पंक्ति ने बेल्जियम को परेशान रखा, जेरेमी डोकू को घेरे रखा और लियांड्रो ट्रोसार्ड को लगातार गलतियां करने पर मजबूर किया।
लुकाकू का असर
रोमेलु लुकाकू के मैदान पर आते ही खेल का रुख पूरी तरह बदल गया। मिस्र की मजबूत रक्षा पंक्ति के सामने बेल्जियम को एक मुख्य स्ट्राइकर की कमी खल रही थी। लुकाकू की शारीरिक उपस्थिति ने मिस्र के अनुशासित डिफेंस में हलचल पैदा कर दी। मैच के अंतिम क्षणों में लुकाकू की सक्रियता बराबरी के गोल का कारण बनी, जब बॉक्स के अंदर हुई अफरा-तफरी में एक आत्मघाती गोल हुआ और बेल्जियम ने एक महत्वपूर्ण अंक बचा लिया। हालांकि कुछ रिपोर्टों ने उनके प्रभाव पर सवाल उठाए हैं, लेकिन सच यह है कि उनकी सीधी भागीदारी के बिना बेल्जियम शायद खाली हाथ मैदान से लौटता।
मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शोबेर ने अंतिम क्षणों में बेल्जियम के दबाव के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। यूरोपीय टीम के लगातार हमलों के बावजूद, शोबेर शांत रहे और ऊंची गेंदों को संभालते हुए अपनी रक्षा पंक्ति को व्यवस्थित रखा। उनका प्रदर्शन ही था कि मिस्र जैसी टीम, जिसे कमजोर माना जा रहा था, एक अंक के साथ मैदान से बाहर निकलने में सफल रही।
यह परिणाम क्यों महत्वपूर्ण है
इस नतीजे ने ग्रुप G को पूरी तरह खोल दिया है। बेल्जियम जैसी बड़ी टीम को बराबरी पर रोकना यह दर्शाता है कि फुटबॉल की पारंपरिक शक्तियों और अफ्रीकी महासंघ की उभरती टीमों के बीच का अंतर कम हो रहा है। यह सुपरस्टार प्रतिभा पर निर्भर रहने के खतरे को भी उजागर करता है; जहां सलाह ने शुरुआत दिलाई, वहीं मिडफील्ड का सामूहिक अनुशासन और गोलकीपर की सूझबूझ ने परिणाम को बरकरार रखा। बेल्जियम के लिए यह ड्रॉ एक चेतावनी है। हाई-प्रेस सिस्टम को भेदने में उनका संघर्ष यह बताता है कि टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिए उन्हें अपनी रणनीति में और अधिक लचीलापन लाना होगा।
रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।