Politicalpedia
मनोरंजन

केरल ने अभिनेता सलीम कुमार को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्कप्रकाशित 7 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
केरल ने अभिनेता सलीम कुमार को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
केरल ने अभिनेता सलीम कुमार को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

मिमिक्री के मंच से मलयालम सिनेमा की बुलंदियों तक पहुंचने वाले इस राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कलाकार को उनके एर्नाकुलम स्थित आवास पर भारी जनसमूह और राजकीय सम्मान के बीच अंतिम विदा दी गई।

रविवार, 7 जून 2026 को एक शानदार करियर का पटाक्षेप हो गया, जब केरल ने अपने चहेते अभिनेता और फिल्म निर्माता सलीम कुमार को भावभीनी विदाई दी। 57 वर्षीय कलाकार का शनिवार को कोच्चि के एक निजी अस्पताल में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार नॉर्थ पारवूर के चित्तट्टुकारा स्थित उनके आवास 'लाफिंग विला' में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

अभिनेता की अंतिम इच्छा का सख्ती से पालन करते हुए, अंतिम संस्कार बिना किसी धार्मिक रीति-रिवाज के संपन्न हुआ। उनके बेटों, चंदू और अरोमल ने दोपहर 3:45 बजे चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान हजारों लोग अपने चहेते कलाकार को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़े, जिनकी कॉमेडी और भावुक अभिनय ने मलयालम सिनेमा की एक पूरी पीढ़ी को परिभाषित किया था।

जनता का उमड़ा जनसैलाब

घर पर अंतिम संस्कार से पहले, अभिनेता के पार्थिव शरीर को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक नॉर्थ पारवूर म्युनिसिपल टाउन हॉल में रखा गया था, ताकि आम जनता उनके अंतिम दर्शन कर सके। माहौल बेहद गमगीन था, जहां प्रशंसक, सहकर्मी और राजनीतिक नेता उस व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने के लिए कतार में खड़े थे, जिसने मिमिक्री कलाकार के रूप में अपनी विनम्र शुरुआत से घर-घर में पहचान बनाई थी।

जिला कलेक्टर जी. प्रियंका ने राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन, जिनके अभिनेता के साथ लंबे समय से व्यक्तिगत संबंध थे, टाउन हॉल और अंतिम संस्कार स्थल दोनों जगह मौजूद रहे और अपने करीबी दोस्त को खोने के गम में भावुक दिखे।

हंसी और कला की विरासत

अंतिम संस्कार में लोगों की भारी उपस्थिति ने उस सम्मान को दर्शाया जो सलीम कुमार को इंडस्ट्री में हासिल था। एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, डिप्टी स्पीकर शनीमोल उस्मान, संस्कृति मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ और सांसद हिबी ईडन सहित कई गणमान्य व्यक्ति अपनी संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। फिल्म जगत से रमेश पिशारोडी, जयराम, दिलीप, हरिश्री अशोकन और नव्या नायर जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ-साथ कमल और महेश नारायणन जैसे निर्माता-निर्देशक भी मौजूद थे।

हालांकि ममूटी और मोहनलाल जैसे दिग्गज राज्य से बाहर थे, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दुख व्यक्त किया और मलयालम फिल्म जगत पर सलीम कुमार के गहरे प्रभाव को याद किया। कॉमेडी और गंभीर अभिनय के बीच संतुलन बनाने की उनकी क्षमता ने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार और दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए एक खास जगह दिलाई।

भले ही राज्य आज शोक में है, लेकिन उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी। मिमिक्री से अभिनय के शिखर तक का उनका सफर उनकी दृढ़ता और प्रतिभा का प्रमाण है। अपने अंतिम समय में भी पारंपरिक रीति-रिवाजों को न अपनाकर, उन्होंने उस लीक से हटकर सोचने वाले स्वभाव को बरकरार रखा, जिसने उन्हें अपने समय का सबसे लोकप्रिय और प्रिय आइकन बनाया था।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क
न्यूज़रूम

पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क पूरे भारत से सत्यापित, स्रोत-आधारित राजनीतिक समाचार और विश्लेषण प्रस्तुत करता है।