यौन उत्पीड़न और जबरन वसूली के आरोपों में प्रभावशाली TMC नेता स्वरूप बिस्वास गिरफ्तार
मेकअप आर्टिस्ट द्वारा नौकरी के बदले यौन संबंध की मांग करने का आरोप लगाने के बाद पूर्व मंत्री के भाई स्वरूप बिस्वास को पुलिस ने हिरासत में लिया

बंगाली फिल्म उद्योग और क्षेत्रीय राजनीति के एक प्रमुख चेहरे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई एक मेकअप आर्टिस्ट द्वारा पेशेवर शोषण और जान से मारने की धमकी देने की गंभीर शिकायत के बाद की गई है।
कोलकाता पुलिस ने स्थानीय मेकअप आर्टिस्ट की शिकायत पर TMC के जाने-माने नेता और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के भाई स्वरूप बिस्वास को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार रात साहापुर कॉलोनी स्थित उनके आवास से हुई यह गिरफ्तारी क्षेत्रीय फिल्म जगत में सत्ता के दुरुपयोग की चल रही जांच में एक बड़ा मोड़ है। जहां राजनीतिक गलियारों में रामलिंगा रेड्डी जैसे नामों की चर्चा है, वहीं पश्चिम बंगाल में पूरा ध्यान बिस्वास पर लगे इन गंभीर आरोपों पर केंद्रित है।
शिकायतकर्ता, जो पिछले दो वर्षों से काम की तलाश में संघर्ष कर रही थी, ने अगस्त 2025 में न्यू अलीपुर के सुरुचि संघ क्लब में बिस्वास से मदद मांगी थी। उस समय, बिस्वास मेकअप आर्टिस्टों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक संस्था के प्रमुख के रूप में पदस्थ थे। पीड़िता के अनुसार, नौकरी मांगने के लिए शुरू हुई यह मुलाकात जल्द ही शोषण में बदल गई।
जबरदस्ती और हिंसा के आरोप
पीड़िता के बयान में घटनाओं का एक परेशान करने वाला सिलसिला सामने आया है। उसका दावा है कि जब वह इस साल अप्रैल में दोबारा उस प्रभावशाली नेता के पास गई, तो उसे बताया गया कि नौकरी पाने के लिए उसे यौन संबंध बनाने होंगे। जब उसने इन मांगों को मानने से इनकार कर दिया, तो मामला हिंसक हो गया। महिला ने आरोप लगाया कि 10 अप्रैल को बिस्वास और उनके सहयोगियों ने उसके घर पर उसे निशाना बनाया और उसकी जान लेने की कोशिश की।
यौन उत्पीड़न के आरोपों के अलावा, जांच में जबरन वसूली का एक व्यवस्थित पैटर्न भी सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि बिस्वास ने सुरुचि संघ के अधिकारी और 'फेडरेशन ऑफ सिने टेक्नीशियंस एंड वर्कर्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया' के अध्यक्ष के रूप में अपनी स्थिति का फायदा उठाकर कमजोर कर्मचारियों से पैसे ऐंठे। उसने बताया कि बिस्वास ने नौकरी दिलाने के नाम पर विभिन्न लोगों से 22 लाख रुपये से अधिक वसूले, जिसमें एक सहकर्मी से पिछले दिसंबर में 45,000 रुपये जबरन लेने का मामला भी शामिल है।
कानूनी परिणाम और उद्योग पर प्रभाव
अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें यौन उत्पीड़न के लिए धारा 75(1), जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी देने से संबंधित धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा, पीड़िता के आवास पर हुई जानलेवा घटना को देखते हुए आर्म्स एक्ट के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।
स्वरूप बिस्वास लंबे समय से कोलकाता के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक शक्तिशाली नाम रहे हैं, जो अक्सर सुरुचि संघ द्वारा आयोजित हाई-प्रोफाइल दुर्गा पूजा उत्सवों से जुड़े रहे हैं। हालांकि, टेक्नीशियन फेडरेशन के प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल—जो दिसंबर 2025 में समाप्त हुआ—अक्सर मनमानी की खबरों के कारण विवादों में रहा। जैसे-जैसे कानूनी कार्यवाही शुरू हो रही है, इस मामले ने क्षेत्रीय मनोरंजन उद्योग के पर्दे के पीछे चल रहे शोषणकारी तंत्र पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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