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लखनऊ में प्रिंस यादव ने लिया पहला वनडे विकेट, भारत जीत की दहलीज पर

भारत बनाम अफगानिस्तान लाइव स्कोर, दूसरा वनडे: AFG (188/6, 33 ओवर), प्रिंस यादव को मिला पहला विकेट, भारत का दबदबा कायम

द्वारा रोहन गुप्ताप्रकाशित 17 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
लखनऊ में प्रिंस यादव ने लिया पहला वनडे विकेट, भारत जीत की दहलीज पर
लखनऊ में प्रिंस यादव ने लिया पहला वनडे विकेट, भारत जीत की दहलीज पर

लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भारत के शानदार प्रदर्शन के आगे अफगानिस्तान की टीम लड़खड़ा गई है और मेजबान टीम सीरीज में एकतरफा जीत की ओर बढ़ रही है।

लखनऊ के इकाना स्टेडियम में उमस भरी शाम भी भारत के दबदबे को कम नहीं कर सकी। 41 ओवर के बाद अफगानिस्तान का स्कोर 223/8 है और उनकी हार लगभग तय नजर आ रही है। 403 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए मेहमान टीम कोई ठोस साझेदारी नहीं कर सकी, जिससे भारत ने सीरीज पर पूरी तरह अपना नियंत्रण बना लिया है।

इस शाम का सबसे यादगार पल युवा प्रिंस यादव की गेंदबाजी रही। वनडे क्रिकेट में अपना पहला विकेट हासिल करते हुए यादव ने उन उभरते हुए खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है जो सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। गुरनूर बराड़ की अनुशासित गेंदबाजी और यशस्वी जायसवाल के चौंकाने वाले स्पैल के साथ मिलकर यादव ने अफगान मध्य और निचले क्रम पर दबाव बनाए रखा।

कमजोर पड़ता प्रतिरोध

जैसे-जैसे मैच तीसरे पावरप्ले में पहुंचा, सबकी निगाहें रहमत शाह पर टिकी थीं, जो पूरी पारी के दौरान बल्लेबाजी की धुरी बने हुए थे। बिलाल सामी के साथ मिलकर रहमत ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन अनुशासित भारतीय गेंदबाजी के सामने बढ़ता हुआ रन रेट किसी भी उलटफेर की संभावना को खत्म कर चुका था। इस जोड़ी ने जायसवाल के मुश्किल स्पैल का सामना किया, जिन्होंने अपनी लेग-ब्रेक गेंदबाजी से टर्न और उछाल हासिल की और बल्लेबाजों को बांधे रखा।

अंतिम ओवरों में बराड़ की एकाग्रता में थोड़ी कमी दिखी, जब उन्होंने बिलाल सामी को नो-बॉल डाली, लेकिन यह घटना केवल एक पल का व्यवधान साबित हुई। भारतीय गेंदबाजों ने अपनी लाइन और लेंथ पर गजब का नियंत्रण बनाए रखा, जिससे विपक्षी टीम को आसानी से रन बनाने का कोई मौका नहीं मिला।

यह क्यों मायने रखता है

यह मैच भारतीय क्रिकेट की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है: टीम के पास बेंच स्ट्रेंथ इतनी मजबूत है कि वे परिणामों से समझौता किए बिना प्रयोग कर सकते हैं। 400 से अधिक का लक्ष्य देकर शीर्ष क्रम ने प्रिंस यादव जैसे युवा गेंदबाजों को बिना किसी अतिरिक्त दबाव के गेंदबाजी करने का मौका दिया।

भारत में खेल की व्यापक आर्थिक और लॉजिस्टिक स्थिति के लिए ऐसी द्विपक्षीय सीरीज महत्वपूर्ण हैं। ये लखनऊ जैसे क्षेत्रीय केंद्रों में दर्शकों की भीड़ जुटाती हैं और BCCI को अपनी अगली पीढ़ी की तैयारियों को परखने का मंच प्रदान करती हैं। हालांकि इस वनडे का परिणाम अब महज एक औपचारिकता है, लेकिन खेल का तरीका बताता है कि भारतीय टीम की गहराई, विशेषकर गेंदबाजी विभाग में, फिलहाल उपमहाद्वीप में बेजोड़ है। अब ध्यान इस बात पर है कि क्या मेहमान टीम सीरीज खत्म होने से पहले अंतिम ओवरों में अपनी साख बचा पाती है।

द्वारा रोहन गुप्ता
बिज़नेस संवाददाता

रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।