पीड़ितों की पहचान: मालवीय नगर होटल अग्निकांड में लाइबेरियाई महिला की मौत की पुष्टि
मालवीय नगर अग्निकांड में जान गंवाने वाली लाइबेरियाई महिला की हुई पहचान

दक्षिण दिल्ली के एक होटल में लगी भीषण आग में जान गंवाने वाली 61 वर्षीय लाइबेरियाई महिला की पहचान उनके एक दुखी रिश्तेदार ने की है।
मालवीय नगर होटल अग्निकांड में मरने वालों की संख्या का दुखद सिलसिला जारी है, क्योंकि परिवार और अधिकारी पहचान की कठिन प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। गुरुवार को एम्स (AIIMS) की मोर्चरी में 61 वर्षीय लाइबेरियाई नागरिक जंजे एन रोलैंड के शव की पहचान की गई। पीड़िता के पति, जो घटना में घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं और खुद पहचान करने की स्थिति में नहीं थे, उनके बाद परिवार के एक सदस्य ने यह प्रक्रिया पूरी की।
परिवार की तलाश और दुखद अंत
देहरादून में रहने वाली पीड़िता की रिश्तेदार मारिया ने बताया कि उन्हें पीड़िता के पति का फोन आया था, जो फिलहाल मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। मारिया ने इस अचानक हुए नुकसान पर दुख जताते हुए कहा, "मेरी आंटी और उनके पति यहाँ ठहरे हुए थे। मुझे इस सप्ताह के अंत में उनसे मिलना था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।" परिवार अब लाइबेरियाई दूतावास के साथ मिलकर शव को वापस ले जाने की प्रक्रिया में जुटा है, ताकि उन्हें उनके वतन भेजा जा सके।
बुधवार सुबह लगी इस आग ने राष्ट्रीय राजधानी की एक सामान्य यात्रा को त्रासदी में बदल दिया। जांचकर्ताओं ने बताया कि होटल में कई विदेशी नागरिक ठहरे हुए थे, जिनमें से अधिकांश दिल्ली में मेडिकल इलाज, विशेषकर आईवीएफ (IVF) उपचार के लिए आए थे। ऐसे दो जोड़े आग की चपेट में आ गए; एक मामले में पत्नी की मौत हो गई जबकि पति अस्पताल में भर्ती है, और दूसरे मामले में दोनों बच तो गए लेकिन गंभीर रूप से घायल हो गए।
सुरक्षा खामियों की जांच
इलाके की घेराबंदी जारी है और फॉरेंसिक टीमें तथा स्थानीय पुलिस आग के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल की जांच कर रही है। इस त्रासदी में कुल 21 लोगों की जान गई है, जिनमें 12 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इस घटना के बाद सुरक्षा नियमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने लापरवाही और बिल्डिंग कोड के उल्लंघन के आरोपों की जांच के लिए होटल मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में ले लिया है।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्होंने विभिन्न दूतावासों के पूर्ण सहयोग से विदेशी पीड़ितों की डीएनए प्रोफाइलिंग पूरी कर ली है। दिल्ली पुलिस ने मृतकों की सूची तैयार कर ली है और विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर रही है ताकि लाइबेरिया के साथ-साथ बांग्लादेश, नाइजीरिया और मोज़ाम्बिक जैसे देशों के पीड़ितों के शवों को सम्मानपूर्वक उनके घर भेजा जा सके।
मालवीय नगर की शांत गलियों के निवासियों के लिए यह घटना बेहद दर्दनाक रही है। चश्मदीदों ने बताया कि बहुमंजिला इमारत में घना धुआं भर जाने के बाद अफरा-तफरी मच गई थी और मेहमान जान बचाने के लिए भाग रहे थे। हालांकि बचाव दलों ने 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 26 जीवित बचे लोगों का चल रहा इलाज इस बात की याद दिलाता है कि स्वास्थ्य और उम्मीद की तलाश में शहर आए लोगों पर इस आग का कितना गहरा असर पड़ा है।
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