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बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोने की कीमतों में नरमी; चांदी भी हुई सस्ती

चांदी ₹700 गिरकर ₹2.33 लाख किलो पर आई: सोना भी ₹761 सस्ता हुआ, ₹1.45 लाख का 10 ग्राम बिक रहा

द्वारा अर्जुन मेहताप्रकाशित 7 जुलाई 2026· 2 मिनट पढ़ें
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोने की कीमतों में नरमी; चांदी भी हुई सस्ती
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोने की कीमतों में नरमी; चांदी भी हुई सस्ती

आज घरेलू सर्राफा बाजार में कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है। कीमती धातुओं के बाजार में रिकॉर्ड तोड़ उतार-चढ़ाव भरे इस साल के बीच उपभोक्ता काफी सतर्क नजर आ रहे हैं।

घरेलू सर्राफा बाजार में आज, 6 जुलाई को सुस्ती देखी गई, जहां सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोना अब ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम के भाव पर मिल रहा है, जो ₹761 की गिरावट दर्शाता है। इसी तरह, चांदी की कीमतों में भी नरमी आई है और एक किलोग्राम चांदी ₹2.33 लाख पर कारोबार कर रही है—जो ₹700 की कमी है। यह मूल्य परिवर्तन एक ऐसे साल में मुख्य रुझान के रूप में आया है जो आक्रामक बाजार अस्थिरता के लिए जाना जा रहा है।

रिकॉर्ड ऊंचाई वाला साल

पिछले छह महीनों की पृष्ठभूमि में देखें तो यह गिरावट एक मामूली सुधार जैसी लगती है। 31 दिसंबर, 2025 से, जब 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1.33 लाख से थोड़ी अधिक थी, तब से धातु में ₹13,000 की शुद्ध बढ़त देखी गई है। चांदी ने भी इसी तरह की, हालांकि थोड़ी धीमी, राह अपनाई है और यह ₹2.30 लाख से बढ़कर अपने मौजूदा स्तर पर पहुंची है। यह साल निवेशकों के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है; 29 जनवरी को बाजार ने सर्वकालिक उच्च स्तर देखा था, जब सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी।

स्मार्ट खरीदारी: उपभोक्ताओं को क्या जानना चाहिए

कीमतों के उच्च स्तर पर बने रहने के कारण, विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि खुदरा खरीदारों को नकली उत्पादों से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। सोने के लिए, मुख्य नियम वही है: सुनिश्चित करें कि आपकी खरीदारी BIS हॉलमार्क वाली हो। अल्फ़ान्यूमेरिक कोड—जैसे 'AZ4524'—शुद्धता की वह पहचान है जो आपको सोने के कैरेट मूल्य को सत्यापित करने की अनुमति देती है। स्थानीय जौहरी के पास लेनदेन को अंतिम रूप देने से पहले हमेशा IBJA पोर्टल के माध्यम से दिन की प्रचलित दरों की जांच करें।

जो लोग चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, उनके लिए कुछ सरल भौतिक परीक्षण सत्यापन की एक प्रारंभिक परत प्रदान कर सकते हैं। असली चांदी चुंबक के प्रति प्रतिक्रिया नहीं करती है और यह ऊष्मा की एक उत्कृष्ट संवाहक है—यदि आप असली चांदी के टुकड़े पर बर्फ का टुकड़ा रखते हैं, तो वह तेजी से पिघलना चाहिए। इसके अतिरिक्त, असली चांदी गंधहीन होती है, जबकि नकली मिश्र धातुओं में अक्सर धातु या तांबे जैसी विशिष्ट गंध आती है। एक साफ सफेद कपड़े से रगड़ना भी एक लिटमस टेस्ट के रूप में काम कर सकता है; यदि कपड़े पर काला अवशेष आता है, तो धातु के असली होने की संभावना है।

बड़ी तस्वीर

यह महत्वपूर्ण क्यों है? सर्राफा बाजार में मौजूदा सुधार भारतीय शेयर बाजारों में आशावाद की एक व्यापक लहर के साथ हो रहा है, जहां ऑटो और मेटल सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन के कारण सेंसेक्स 521 अंक बढ़कर 78,285 पर बंद हुआ। हालांकि कीमती धातुओं का व्यवसाय भारतीय परिवारों के लिए एक पारंपरिक निवेश बना हुआ है, लेकिन 2026 में देखी गई भारी अस्थिरता यह बताती है कि बाजार अभी भी एक स्थिर आधार की तलाश में है। आम निवेशक के लिए निष्कर्ष स्पष्ट है: कीमती धातुएं अब केवल मूल्य संचय का निष्क्रिय साधन नहीं हैं, बल्कि एक अत्यधिक संवेदनशील एसेट क्लास हैं जो वैश्विक आर्थिक बदलावों पर तेजी से प्रतिक्रिया करती हैं।

द्वारा अर्जुन मेहता
राष्ट्रीय मामले संवाददाता

अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।