सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट: क्या अब 1 लाख का आंकड़ा पहुंच से दूर नहीं?
खरीदारों के लिए बड़ी राहत: सोने की कीमतों में भारी गिरावट, क्या अब 1 लाख के नीचे आएगा भाव?
रिकॉर्ड तोड़ तेजी वाले उतार-चढ़ाव भरे महीने के बाद, चेन्नई का स्वर्ण बाजार अब ठंडा पड़ता दिख रहा है, जिससे खरीदारों और आम परिवारों में उम्मीद की किरण जगी है।
महीनों से सोने की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी ने शादियों और त्योहारों की खरीदारी की योजना बना रहे परिवारों की चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि, बाजार के ताजा आंकड़े एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। आज, 25 जून 2026 तक, 8 ग्राम सोने (एक सॉवरेन) की कीमत गिरकर 1,05,120 रुपये हो गई है, जो एक ही दिन में 1,680 रुपये की बड़ी गिरावट है। Daily Thanthi की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 11 दिनों में सोने की कीमत में प्रति सॉवरेन 7,440 रुपये से अधिक की कमी आई है।
मौजूदा अस्थिरता इस महीने की शुरुआत में देखे गए उच्चतम स्तर से बिल्कुल उलट है, जब सोना 1,16,000 रुपये प्रति सॉवरेन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। मूल लेख और प्राथमिक स्रोतों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो पता चलता है कि जनवरी से ही बाजार में भारी उतार-चढ़ाव रहा है। जहां इस साल की शुरुआत में कीमत 13,450 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गई थी, वहीं मार्च के अंत में इसमें गिरावट आई और फिर दोबारा तेजी देखी गई। वर्तमान गिरावट अधिक स्थिर लग रही है, और अब प्रति ग्राम कीमत 13,140 रुपये पर आ गई है।
चांदी में भी राहत
इस गिरावट का असर सिर्फ सोने पर ही नहीं दिख रहा है। चांदी, जिसे अक्सर आम आदमी की कीमती धातु माना जाता है, वह भी इसी राह पर है। प्राथमिक स्रोत और दैनिक बाजार रिपोर्टों की पुष्टि के अनुसार, चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई है। एक ही दिन में चांदी 10 रुपये प्रति ग्राम और 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई है। आज चांदी 230 रुपये प्रति ग्राम और 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है, जो कमोडिटी बाजार पर नजर रखने वालों के लिए एक दुर्लभ राहत का क्षण है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है: व्यापक परिप्रेक्ष्य
यह सुधार केवल दैनिक उतार-चढ़ाव नहीं है; यह उस बाजार की थकान को दर्शाता है जो अस्थिर ऊंचाइयों तक पहुंच गया था। जब सोने की कीमतें एक लाख के आंकड़े के आसपास मंडराती हैं, तो यह घरेलू बचत से लेकर मध्यम वर्गीय परिवारों की तरलता तक सब कुछ प्रभावित करती हैं। पिछले 11 दिनों की गिरावट यह बताती है कि बाजार इस महीने की शुरुआत में देखी गई आक्रामक तेजी के बाद खुद को संतुलित कर रहा है।
हालांकि खरीदार इस राहत का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन विश्लेषक बारीकी से देख रहे हैं कि क्या यह एक अस्थायी गिरावट है या अधिक स्थिर स्तर की शुरुआत। फिलहाल, सोने और चांदी (silver) की कीमतों में एक साथ गिरावट उन उपभोक्ताओं के लिए एक छोटा सा अवसर लेकर आई है जो बाजार में प्रवेश करने का इंतजार कर रहे थे। आने वाले हफ्तों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये कीमतें स्थिर रहेंगी या एक लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर से और नीचे जाएंगी।
प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।