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वर्ल्ड कप के हीरो से बाहर का रास्ता: जिम्बाब्वे दौरे के लिए संजू सैमसन टीम से बाहर

संजू सैमसन भारतीय टीम से बाहर; अशोक शर्मा को जिम्बाब्वे दौरे के लिए पहली बार मिला मौका

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 6 जुलाई 2026· 2 मिनट पढ़ें
वर्ल्ड कप के हीरो से बाहर का रास्ता: जिम्बाब्वे दौरे के लिए संजू सैमसन टीम से बाहर
वर्ल्ड कप के हीरो से बाहर का रास्ता: जिम्बाब्वे दौरे के लिए संजू सैमसन टीम से बाहर

खराब फॉर्म के कारण स्टार विकेटकीपर को T20I टीम से अपनी जगह गंवानी पड़ी है, जबकि आगामी सीरीज के लिए युवा प्रतिभाओं को मौका दिया गया है।

चयनकर्ताओं ने बड़ा फैसला लेते हुए संजू सैमसन को टीम से बाहर कर दिया है। हाल ही में भारत की T20 वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाने वाले और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीतने वाले इस विकेटकीपर-बल्लेबाज को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की आगामी T20I सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं मिली है।

यह फैसला सैमसन के खराब फॉर्म के बाद लिया गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले T20I में सात गेंदों पर मात्र एक रन बनाने के बाद उन्हें दूसरे मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया था। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, जहां वे 0 और 5 के स्कोर पर आउट हुए, जिससे टीम प्रबंधन को इस फॉर्मेट के लिए नए विकल्पों पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

जिम्बाब्वे के लिए नई टीम

जहां अनुभवी खिलाड़ी के बाहर होने पर सबकी नजरें हैं, वहीं पुरुष चयन समिति द्वारा घोषित टीम युवा खिलाड़ियों और घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन करने वालों पर भरोसा जताती है। श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने टीम में अपनी जगह बरकरार रखी है।

यह दौरा राजस्थान के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, जिन्हें पहली बार सीनियर भारतीय टीम में शामिल किया गया है। शर्मा, जो हाल ही में श्रीलंका में त्रिकोणीय सीरीज के लिए इंडिया ए टीम का हिस्सा थे, उन नए चेहरों में शामिल हैं जो प्रिंस यादव और मयंक यादव जैसे खिलाड़ियों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। सैमसन की अनुपस्थिति में ईशान किशन और प्रभसिमरन सिंह मुख्य विकेटकीपर विकल्प होंगे।

बड़ी तस्वीर

चयन रणनीति में यह बदलाव संकेत देता है कि चयनकर्ता पुरानी उपलब्धियों के बजाय मौजूदा फॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। भारतीय क्रिकेट के प्रतिस्पर्धी माहौल में, वर्ल्ड कप का हीरो भी प्रदर्शन-आधारित जवाबदेही से अछूता नहीं है। सैमसन के लिए यह एक बड़ा झटका है, लेकिन इस कदम से बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को T20I स्तर पर खुद को साबित करने का मौका मिला है।

ODI टीम में भी बदलाव किए गए हैं—खासकर नीतीश कुमार रेड्डी की जगह शिवम दुबे को शामिल किया गया है—और आगामी मुकाबले एक महत्वपूर्ण परीक्षा की तरह होंगे। टीम प्रबंधन स्पष्ट रूप से गहराई बनाना चाहता है, जिसमें 50 ओवर के फॉर्मेट में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे स्थापित नामों को बनाए रखने के साथ-साथ खेल के सबसे छोटे प्रारूप में नई प्रतिभाओं को मौका देना शामिल है।

(नोट: नुरुल हसन को लेकर ऑनलाइन चल रही अफवाहों का भारतीय चयन शिविर के मौजूदा घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है और इनका इस टीम घोषणा पर कोई प्रभाव नहीं है।)

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।