वायरल प्रैंक से पारिवारिक ड्रामे तक: क्या फिर बढ़ने वाला है अरमान मलिक का परिवार?
छठे बच्चे का पिता बनेगा करोड़पति यूट्यूबर, दूसरी पत्नी ने दी Goodnews? चौंकी पहली बीवी
लोकप्रिय यूट्यूबर अरमान मलिक का हालिया सोशल मीडिया स्टंट एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है, जिसने फॉलोअर्स को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि असली खबर और एंगेजमेंट के लिए बनाए गए कंटेंट के बीच की रेखा कहां है।
सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों हलचल है क्योंकि अरमान मलिक ने एक ऐसा वीडियो शेयर किया जो एक बड़ी घोषणा जैसा लग रहा था। वायरल हो रहे इस क्लिप में, अरमान—जो अपनी दो पत्नियों, पायल और कृतिका के साथ रहते हैं—ने संकेत दिया कि उनके परिवार में छठा बच्चा आने वाला है। ट्रेंडिंग चार्ट पर तेजी से ऊपर आए इस वीडियो में परिवार को एक कथित 'गुडन्यूज' पर प्रतिक्रिया देते हुए दिखाया गया, जिसमें पायल मजाक में पूछती नजर आईं कि क्या कृतिका के शारीरिक बदलाव गर्भावस्था से जुड़े हैं।
अरमान ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कैमरे के सामने इशारा किया कि उनके सबसे छोटे बेटे जैद के बाद जल्द ही एक नया मेहमान आने वाला है। वीडियो में दोनों पत्नियों के बीच की बातचीत ने सोशल मीडिया पर अटकलों को और हवा दे दी। जिस परिवार की निजी जिंदगी ही उनके कंटेंट का मुख्य आधार हो, वहां एक और सदस्य के आने की संभावना उनके डेली व्लॉग्स के पैटर्न के हिसाब से बिल्कुल सही लग रही थी।
हाइप के पीछे की सच्चाई
हालांकि, कृतिका मलिक को लेकर बनी यह उत्सुकता समय से पहले की साबित हुई। तमाम दावों के बावजूद, यह स्पष्ट हो गया कि वायरल हो रहे ये दावे असल जिंदगी की सच्चाई नहीं, बल्कि उनके डिजिटल दर्शकों के लिए तैयार की गई एक पटकथा का हिस्सा थे। यह 'गुडन्यूज' कृतिका के बारे में नहीं, बल्कि उनकी छोटी बहन के घर आने वाली खुशी के बारे में थी। इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग की इस दुनिया में, निजी मील के पत्थर और स्टेज किए गए खुलासों के बीच इस तरह के बदलाव एंगेजमेंट बनाए रखने का एक आम, हालांकि विवादास्पद, तरीका बनते जा रहे हैं।
जो लोग इस परिवार के सदस्यों की गिनती रखते हैं, उनके लिए यह भ्रम होना स्वाभाविक है। अरमान पहले से ही पांच बच्चों के पिता हैं—चार पायल से और एक कृतिका से। हालांकि कृतिका ने परिवार बढ़ाने की इच्छा खुलकर जाहिर की है, लेकिन यह घटना याद दिलाती है कि वीडियो में जो पल सहज लगते हैं, वे अक्सर पहले से तय और क्यूरेट किए गए होते हैं।
यह क्यों मायने रखता है: इन्फ्लुएंसर इकोनॉमी
यह घटना भारतीय क्रिएटर इकोनॉमी में बढ़ते उस चलन को दर्शाती है जहां निजी जीवन और सार्वजनिक प्रदर्शन के बीच की सीमाएं जानबूझकर धुंधली की जा रही हैं। पारिवारिक मील के पत्थरों—या उनके संकेतों—का लाभ उठाकर, मलिक जैसे क्रिएटर्स भीड़भाड़ वाले बाजार में दर्शकों की संख्या को बनाए रखते हैं।
भले ही यह 'गुडन्यूज' एंगेजमेंट पाने का एक पुराना तरीका साबित हुआ, लेकिन जिस आसानी से ऐसी खबरें वायरल होती हैं, वह इन्फ्लुएंसर्स की निजी जिंदगी में दर्शकों की गहरी दिलचस्पी को दिखाता है। मलिक परिवार के लिए, यह अपने ब्रांड को प्रासंगिक बनाए रखने की एक सफल रणनीति है, भले ही इससे उनके अपने फॉलोअर्स का धैर्य जवाब देने लगे। अंततः, यह एपिसोड इस बात का उदाहरण है कि कैसे आधुनिक डिजिटल नैरेटिव सच्चाई के बजाय तमाशे को प्राथमिकता देते हैं, ताकि दर्शक अगली 'बड़ी खबर' के इंतजार में जुड़े रहें, चाहे उसकी सत्यता कुछ भी हो।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।