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भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद: दिल्ली-NCR में मौसम का बड़ा यू-टर्न

दिल्ली-NCR में आज से आंधी-बारिश, 2 दिन के लिए अलर्ट; 8 डिग्री तक गिर सकता है पारा

द्वारा कबीर शर्माप्रकाशित 11 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
भीषण गर्मी से राहत: दिल्ली-NCR में मौसम का यू-टर्न
भीषण गर्मी से राहत: दिल्ली-NCR में मौसम का यू-टर्न

मई की भीषण गर्मी और रातों की बेचैनी भरे एक कठिन सप्ताह के बाद, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में गरज के साथ छींटे पड़ने और तापमान में भारी गिरावट को लेकर दो दिनों का अलर्ट जारी किया है।

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली की सड़कों पर निकलना किसी भट्टी में जाने जैसा महसूस हो रहा था। बुधवार को पारा 42.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो मई के अंत के सामान्य तापमान से 2.5 डिग्री अधिक है। लेकिन असली परेशानी सिर्फ दिन की धूप नहीं, बल्कि 'गर्म रातें' थीं। 25 मई को न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो 14 वर्षों में सबसे गर्म रात थी। शहर लगातार गर्मी और नींद की कमी से जूझ रहा है।

राहत की बात यह है कि IMD का पूर्वानुमान और सुबोध कुमार मिश्रा की रिपोर्ट एक सुखद बदलाव की ओर इशारा कर रही है। उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिससे धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश के आसार हैं। हालांकि गर्मी का कहर जारी रहा है, लेकिन आज और कल से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दोपहर तक बादल छाने और रात तक तेज हवाएं चलने की संभावना है।

तापमान में बड़ा उतार-चढ़ाव

यह राहत काफी प्रभावी होगी। हालांकि आज अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है, लेकिन असली बदलाव शुक्रवार को आएगा। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पारा 8 डिग्री तक लुढ़क सकता है, जिससे अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री के आरामदायक दायरे में आ जाएगा। मौसम में इस बदलाव के लिए फिलहाल ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसके बाद शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट है।

यह सिर्फ एक छोटी बारिश नहीं है, बल्कि इस बेहद गर्म महीने के लिए एक सुधार की तरह है। हमने 19 मई को दिल्ली के रिज इलाके में तापमान को 46.5 डिग्री तक पहुंचते देखा है। पूरे महीने दर्ज की गई लगातार लू को देखते हुए यह स्पष्ट है कि शहर का बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक स्वास्थ्य भारी दबाव में क्यों रहा है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है: बड़ी तस्वीर

राजधानी का मौसम चरम सीमाओं के बीच क्यों झूल रहा है? 46 डिग्री की लू से अचानक तेज धूल भरी आंधी तक का यह उतार-चढ़ाव जलवायु अस्थिरता के उस पैटर्न को दर्शाता है जो अब NCR क्षेत्र के लिए नया सामान्य बन गया है। जैसे-जैसे 'अर्बन हीट आइलैंड' का प्रभाव बढ़ रहा है, इन तूफानों से मिलने वाली 'ठंडक' अक्सर कम समय के लिए होती है, जिसके बाद उमस बढ़ जाती है और गर्मी और भी कष्टदायक लगने लगती है।

निवासियों के लिए सलाह सरल है: बादलों को देखकर धोखा न खाएं। हालांकि तापमान में गिरावट राहत की बात है, लेकिन इन तूफानों की तीव्रता अपने साथ जलभराव और यातायात में बाधा जैसी चुनौतियां भी लाती है। अपने छाते तैयार रखें और अपडेट रहें, क्योंकि मौसम का यह बदलाव अनिश्चित होता है। चाहे आप आजतक पर ताजा जानकारी ले रहे हों या IMD के अलर्ट देख रहे हों, संदेश साफ है—अगले 48 घंटों के लिए तैयार रहें।

द्वारा कबीर शर्मा
फ़ीचर्स लेखक

कबीर शर्मा पॉलिटिकलपीडिया के लिए संस्कृति, तकनीक और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लिखते हैं।