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धौलपुर से ब्लू जर्सी तक: रजत बघेल का अंडर-19 टीम तक का सफर

धौलपुर का बेटा अब खेलेगा टीम इंडिया के लिए: अंडर-19 टीम में रजत बघेल का चयन, श्रीलंका दौरे के लिए मिली जगह

द्वारा रोहन गुप्ताप्रकाशित 11 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
धौलपुर से ब्लू जर्सी तक: रजत बघेल का अंडर-19 टीम तक का सफर
धौलपुर से ब्लू जर्सी तक: रजत बघेल का अंडर-19 टीम तक का सफर

राजस्थान के इस युवा खिलाड़ी को आगामी श्रीलंका दौरे के लिए पहली बार राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है, जिससे उनके गृह नगर में जश्न का माहौल है।

धौलपुर की धूल भरी क्रिकेट पिचों ने कई स्थानीय प्रतिभाओं को जन्म दिया है, लेकिन रजत बघेल के लिए उनकी मेहनत का फल अब सबसे शानदार तरीके से मिला है। इस युवा क्रिकेटर को आधिकारिक तौर पर भारतीय अंडर-19 टीम में शामिल किया गया है, जो 6 जुलाई से शुरू होने वाले श्रीलंका दौरे पर जाएगी। ऐसे जिले के लिए, जिसे अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा खोजने में नजरअंदाज कर दिया जाता है, बघेल का चयन एक दुर्लभ और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

धमाकेदार पारियों का रिकॉर्ड

बघेल की सफलता कोई तुक्का नहीं है; यह जमीनी स्तर पर वर्षों के निरंतर प्रदर्शन का परिणाम है। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर में आने से पहले, वह राजस्थान अंडर-16 टीम के मुख्य खिलाड़ी थे। उन्होंने एक शानदार रन-स्कोरर के रूप में अपनी पहचान बनाई, विशेष रूप से दो तिहरे शतक जड़कर, जिसने क्षेत्रीय क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया। इन लंबी, धैर्यपूर्ण और आक्रामक पारियों ने साबित किया कि उनमें पारी को संवारने का स्वभाव है—जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए एक अनिवार्य शर्त है।

सफलता के सूत्रधार

हर सफल क्रिकेटर के पीछे मेंटर्स की एक टीम होती है, और बघेल का सफर भी इससे अलग नहीं है। सचिव सुमेंद्र तिवारी के नेतृत्व में धौलपुर क्रिकेट एसोसिएशन ने उभरते खिलाड़ियों को स्थानीय मैचों से राष्ट्रीय मंच तक ले जाने के लिए एक मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके व्यक्तिगत विकास को कोच सुरजीत सिंह, राहुल राणा और रॉबिन त्यागी ने और निखारा। उनके व्यावहारिक मार्गदर्शन ने यह सुनिश्चित किया कि बघेल की कच्ची प्रतिभा आधुनिक अंडर-19 टीम की मांगों के अनुरूप तकनीकी खेल में बदल जाए।

यह क्यों मायने रखता है

छोटे शहरों से राष्ट्रीय टीम में खिलाड़ियों का चयन भारतीय क्रिकेट के स्काउटिंग इकोसिस्टम में एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। जहां पहले महानगरों की अकादमियां चयन सूची में हावी रहती थीं, वहीं बीसीसीआई की व्यापक स्तर पर प्रतिभा खोजने की वर्तमान नीति अब रंग ला रही है। जब बघेल जैसा खिलाड़ी टीम में जगह बनाता है, तो यह राजस्थान के भावी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक प्रोत्साहन होता है। यह एक सरल और शक्तिशाली संदेश देता है: प्रतिभा, चाहे वह कहीं की भी हो, अब मुख्य टीम तक अपना रास्ता बना रही है।

आगे की राह

जैसे-जैसे टीम श्रीलंका दौरे की तैयारी कर रही है, सभी की निगाहें इन युवाओं पर होंगी कि वे विदेशी परिस्थितियों में खुद को कैसे साबित करते हैं। अंडर-19 टीम के लिए चयन मानदंड काफी कठोर होते हैं, जिसमें वर्तमान फॉर्म और भविष्य की संभावनाओं दोनों पर ध्यान दिया जाता है। बघेल अब अपने स्थानीय प्रशिक्षण मैदानों के आराम से निकलकर एक पेशेवर और उच्च दबाव वाले माहौल में कदम रख रहे हैं। धौलपुर में वीडियो अपडेट और स्थानीय समाचार देखने वाले प्रशंसकों को उम्मीद है कि यह उनके पेशेवर करियर का सिर्फ पहला अध्याय है।

द्वारा रोहन गुप्ता
बिज़नेस संवाददाता

रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।