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संदेशखाली में हथियारों का जखीरा बरामद, शेख शाहजहां से जुड़े चार लोग गिरफ्तार

संदेशखाली में हथियारों की बरामदगी, टीएमसी के बाहुबली शेख शाहजहां के 4 करीबी गिरफ्तार

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्कप्रकाशित 6 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
संदेशखाली में हथियारों का जखीरा बरामद, शेख शाहजहां से जुड़े चार लोग गिरफ्तार
संदेशखाली में हथियारों का जखीरा बरामद, शेख शाहजहां से जुड़े चार लोग गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संदेशखाली में हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है, जिससे जेल में बंद टीएमसी नेता की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

संदेशखाली में लंबे समय से चल रहा तनाव अब और गहरा गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने छापेमारी कर अवैध हथियारों का एक बड़ा जखीरा पकड़ा है। शनिवार को दिन भर चली इस कार्रवाई में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके संबंध शेख शाहजहां से हैं। शाहजहां वही टीएमसी का बाहुबली नेता है, जो प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर जनवरी में हुए हमले के मामले में फिलहाल हिरासत में है।

छिपे हुए हथियारों का सुराग

जांच की शुरुआत तब हुई जब अधिकारियों ने तीन संदिग्धों से पूछताछ की, जो पूर्व टीएमसी नेता के करीबी सहयोगी थे। उनकी निशानदेही पर पुलिस सरबेरिया में एक सुनसान जगह पर पहुंची, जहां से पांच हथियार बरामद किए गए। हालांकि, बड़ी कामयाबी तब मिली जब स्थानीय गांव में तलाशी के दौरान एक मछली फार्म के नीचे जमीन में दबे 13 और हथियार तथा 56 जिंदा कारतूस मिले। कुल मिलाकर, इस बरामदगी में 10 लंबी दूरी की बंदूकें और आठ छोटे हथियार शामिल हैं, जो एक बड़े संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। माना जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क शाहजहां के इशारे पर चल रहा था।

जैसे-जैसे पुलिस की टीमें इलाके में छानबीन कर रही हैं, अन्य जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। एसटीएफ के नेतृत्व में हुई इस बरामदगी के बीच, खबरें हैं कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी इलाके में सक्रिय है। यहां तक कि तलाशी के दौरान मिले संदिग्ध विस्फोटकों को सुरक्षित रूप से हटाने के लिए NSG की बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया था।

राजनीतिक घमासान और हलचल

इस बरामदगी ने बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भाजपा उम्मीदवारों सहित विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इन बरामदगियों को विपक्ष द्वारा रची गई एक राजनीतिक 'साजिश' करार दिया है। पार्टी प्रतिनिधियों ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर छापेमारी के समय और तरीके पर विरोध दर्ज कराया है।

इस घटना ने एक बार फिर उस इलाके को सुर्खियों में ला दिया है जो फरवरी 2024 से ही अशांत है। स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने जमीन हड़पने और यौन शोषण के आरोपों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। इन्हीं आरोपों के चलते शाहजहां और उसके करीबी सहयोगियों, शिबप्रसाद हाजरा और उत्तम सरदार को गिरफ्तार किया गया था।

सुर्खियों से परे

यह बरामदगी केवल एक आपराधिक मामला नहीं है; यह उन गहरी पैठ वाली सत्ता संरचनाओं को उजागर करती है, जिनकी वजह से रिहायशी इलाके में हथियारों का इतना बड़ा जखीरा मौजूद था। संदेशखाली के उन निवासियों के लिए, जिन्होंने महीनों तक डर के साये में अपनी आवाज उठाई, इन हथियारों का मिलना उस भयावह माहौल की पुष्टि करता है जिसमें वे रह रहे थे। छापेमारी अभी भी जारी है और मामले में अन्य लोगों को भी ED के समन भेजे गए हैं। ऐसे में संदेशखाली नेटवर्क को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के लिए एक बड़ी परीक्षा बनी हुई है।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क
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