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इंग्लैंड का एज़्टेका थ्रिलर: तूफानी रात, रेड कार्ड और क्वार्टर फाइनल का टिकट

मेक्सिको बनाम इंग्लैंड, फीफा वर्ल्ड कप राउंड ऑफ 16 हाइलाइट्स: 10 खिलाड़ियों वाली इंग्लैंड ने तूफानी मुकाबले में सह-मेजबान मेक्सिको को 3-2 से हराया

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 6 जुलाई 2026· 2 मिनट पढ़ें
इंग्लैंड का एज़्टेका थ्रिलर: तूफानी रात, रेड कार्ड और क्वार्टर फाइनल का टिकट
इंग्लैंड का एज़्टेका थ्रिलर: तूफानी रात, रेड कार्ड और क्वार्टर फाइनल का टिकट

मेक्सिको सिटी के खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच 10 खिलाड़ियों वाली इंग्लैंड ने मेजबान टीम को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

एस्टाडियो एज़्टेका में आखिरकार 1986 की यादों का साया हट गया, हालांकि यह जीत इंग्लैंड के लिए आसान नहीं रही। मेक्सिको सिटी में भीषण आंधी-तूफान के कारण मैच एक घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिसने इस फीफा वर्ल्ड कप राउंड ऑफ 16 मुकाबले के रोमांच को और बढ़ा दिया। जब मैदान खेलने लायक हुआ, तो जूड बेलिंगम ने मोर्चा संभाला और पहले हाफ में दो शानदार गोल दागकर घरेलू दर्शकों को खामोश कर दिया।

मेक्सिको के लिए यह हार एक शानदार सफर का दुखद अंत है। जेवियर एगुइरे की टीम इस चरण तक बिना एक भी गोल खाए पहुंची थी, लेकिन इंग्लैंड की शुरुआती आक्रामकता का उनके पास कोई जवाब नहीं था। मैच के दौरान खिलाड़ियों के बीच झड़प और VAR के विवादास्पद हस्तक्षेप के बावजूद मेक्सिकन टीम ने हार नहीं मानी। जूलियन क्विनोन्स और राउल जिमेनेज ने अंतिम सीटी बजने तक दबाव बनाए रखा, लेकिन वे हार के अंतर को पाट नहीं सके।

दूसरे हाफ में खेल का रुख तब बदल गया जब इंग्लैंड के जारेल क्वानसाह को रेड कार्ड दिखाया गया। 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर 'थ्री लायंस' को पूरी तरह से रक्षात्मक रुख अपनाना पड़ा। हैरी केन, जिन्होंने पहले ही पेनल्टी के जरिए बढ़त दिलाई थी, इस कठिन बचाव कार्य के केंद्र में रहे। 11 मिनट के स्टॉपेज टाइम और एज़्टेका के दर्शकों के भारी दबाव के बावजूद, इंग्लैंड ने 3-2 की जीत सुरक्षित कर ली।

यह क्यों मायने रखता है: बड़ी तस्वीर

यह परिणाम इंग्लैंड की टीम के लिए एक मील का पत्थर है। 'हैंड ऑफ गॉड' वाले कुख्यात क्वार्टर फाइनल के 40 साल बाद फुटबॉल के सबसे कठिन मैदानों में से एक पर जीत हासिल करना मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत बड़ी बात है। मेक्सिको के लिए, अपने छठे और अंतिम वर्ल्ड कप में अनुभवी गोलकीपर गुइलेर्मो 'मेमो' ओचोआ की विदाई एक युग का अंत है। यह मैच नॉकआउट चरणों की अनिश्चितता को दर्शाता है, जहां एक रेड कार्ड या मौसम का बदलाव पूरी रणनीति बदल सकता है। इंग्लैंड अब नॉर्वे का सामना करेगा, जिसने ब्राजील को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है।

अंतिम सीटी बजने के बाद जब इंग्लैंड के खिलाड़ी अपने समर्थकों के सामने जश्न मना रहे थे, तो उनकी राहत साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने मेक्सिको सिटी की कठिन परीक्षा पास कर ली है, लेकिन ट्रॉफी तक का रास्ता अब और कठिन होने वाला है। इस जीत ने साबित कर दिया है कि इस टीम में मुश्किलों से लड़ने का जज्बा है, लेकिन क्वानसाह का निलंबन और इस 3-2 की लड़ाई की थकान थॉमस ट्यूशेल के लिए 11 जुलाई को अर्लिंग हालैंड की नॉर्वे के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले बड़ी चुनौती होगी।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।