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धर्मशाला डायरी: रोहित शर्मा बने भारत के सबसे उम्रदराज वनडे खिलाड़ी, रचा इतिहास

IND vs AFG: रोहित शर्मा वनडे मैच खेलने वाले सबसे उम्रदराज भारतीय खिलाड़ी बने

द्वारा रोहन गुप्ताप्रकाशित 13 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
धर्मशाला डायरी: रोहित शर्मा बने भारत के सबसे उम्रदराज वनडे खिलाड़ी
धर्मशाला डायरी: रोहित शर्मा बने भारत के सबसे उम्रदराज वनडे खिलाड़ी

अफगानिस्तान के खिलाफ बारिश से प्रभावित सीरीज का पहला मैच जैसे ही शुरू हुआ, 'हिटमैन' ने रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराकर भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक नया अध्याय लिख दिया।

हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम के ऊपर मंडरा रहे बादल आखिरकार छंट गए, लेकिन उससे पहले ही एक ऐसा मील का पत्थर स्थापित हो गया जिसने खेल में निरंतरता को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। शनिवार को जब रोहित शर्मा धर्मशाला में मैदान पर उतरे, तो उन्होंने न केवल भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी वापसी दर्ज की; बल्कि वे ODI में भाग लेने वाले अब तक के सबसे उम्रदराज भारतीय खिलाड़ी बन गए। 39 वर्ष और 44 दिन की उम्र में, रोहित शर्मा ने दिग्गज मोहिंदर अमरनाथ के 37 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, जो 1989 में अपने अंतिम मैच के समय 39 वर्ष और 36 दिन के थे।

विकास से परिभाषित करियर

2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। मध्य क्रम में वर्षों बिताने के बाद, 2013 में एमएस धोनी द्वारा उन्हें ओपनिंग स्लॉट पर भेजने के फैसले ने उन्हें व्हाइट-बॉल क्रिकेट का दिग्गज बना दिया। आज, वे 11,000 से अधिक वनडे रनों के साथ निरंतर आक्रामकता की मिसाल बने हुए हैं। हालांकि हालिया फिटनेस चिंताओं और आईपीएल में साधारण प्रदर्शन ने आलोचकों के बीच बहस छेड़ दी थी, लेकिन छक्के जड़ने की उनकी क्षमता आज भी लाजवाब है। भले ही निडर ओपनर्स की एक नई पीढ़ी उभर रही हो, लेकिन एक बेहतरीन सिक्स-हिटर के रूप में रोहित का दर्जा उन्हें टीम की रणनीतिक योजनाओं का केंद्र बनाए रखता है।

बड़ी तस्वीर: यह क्यों मायने रखता है

सांख्यिकीय मील के पत्थर से परे, अफगानिस्तान के खिलाफ यह सीरीज एक महत्वपूर्ण परीक्षा की तरह है। 2027 विश्व कप में अभी 15 महीने का समय है, ऐसे में टीम प्रबंधन अनुभवी नेतृत्व और युवा प्रतिभाओं को मौका देने के बीच संतुलन बना रहा है। कप्तान शुभमन गिल के नेतृत्व में, ध्यान अब ऐसे कोर ग्रुप को तैयार करने पर है जो दबाव वाली स्थितियों को संभाल सके। रोहित की उपस्थिति एक सेतु का काम करती है—जो युवाओं का मार्गदर्शन करती है, जबकि चयनकर्ता नीतीश कुमार रेड्डी जैसे संभावित बैकअप खिलाड़ियों पर नजर रख रहे हैं। क्रिकेट जगत यह देखने के लिए उत्सुक है कि क्या यह दिग्गज खिलाड़ी समय को मात देना जारी रख सकता है, और यदि वे 2027 चक्र तक टीम में बने रहते हैं, तो वे 40 साल की उम्र में वनडे खेलने वाले पहले भारतीय बन सकते हैं।

वैश्विक संदर्भ

भले ही यह उपलब्धि घरेलू स्तर पर बहुत बड़ी है, लेकिन इस प्रारूप में लंबी उम्र का वैश्विक मानक अभी भी काफी आगे है। नीदरलैंड के नोलन क्लार्क, जिन्होंने 47 वर्ष और 257 दिन की उम्र में मैच खेला था, के नाम सर्वकालिक रिकॉर्ड है। यह दर्शाता है कि चौथे दशक में प्रवेश करने के बाद भी शीर्ष स्तर पर खेलना कितना दुर्लभ है। रोहित के लिए, तत्काल लक्ष्य सरल है: धर्मशाला में 25 ओवर के छोटे मैच को सफलतापूर्वक पूरा करना और अपने प्रतिद्वंद्वियों पर भारत का दबदबा बनाए रखना, जैसा कि इस सप्ताह की शुरुआत में मुल्लांपुर में टेस्ट जीत के साथ देखा गया था। जैसे-जैसे IND बनाम AFG सीरीज आगे बढ़ेगी, 'हिटमैन' पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी—न केवल उनकी उम्र के लिए, बल्कि खेल पर उनके निरंतर प्रभाव के लिए।

द्वारा रोहन गुप्ता
बिज़नेस संवाददाता

रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।