Politicalpedia
बिज़नेस

बाजार में तेजी: उतार-चढ़ाव भरी शुरुआत के बाद संभले Sensex और Nifty

शेयर बाजार अपडेट, 22 जून: Sensex 291 अंक उछला, Nifty 24,100 के पार; अधिकांश सेक्टर बढ़त के साथ बंद

द्वारा कबीर शर्माप्रकाशित 22 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
बाजार में तेजी: उतार-चढ़ाव भरी शुरुआत के बाद संभले Sensex और Nifty
बाजार में तेजी: उतार-चढ़ाव भरी शुरुआत के बाद संभले Sensex और Nifty

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की ताजा दिलचस्पी ने भारतीय इक्विटी बाजार को हालिया झटकों से उबारने में मदद की, जिससे सोमवार को सूचकांकों ने मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया।

सोमवार, 22 जून को ट्रेडिंग फ्लोर का माहौल काफी बदला हुआ था। अनिश्चितता के दौर के बाद, आखिरकार बाजार में तेजी लौटी और Sensex 291.17 अंक की बढ़त के साथ 77,094.07 पर बंद हुआ। Nifty ने भी इसका अनुसरण किया और 24,100 के स्तर को पार करते हुए 24,102.90 पर अपनी क्लोजिंग दी। हालांकि यह कोई तूफानी तेजी नहीं थी, लेकिन निवेशकों के लिए बाजार के मूड में आया यह बदलाव साफ तौर पर नजर आ रहा था।

बाजार में तेजी की वजह क्या रही?

यह रिकवरी केवल घरेलू उत्साह का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे वैश्विक बदलाव भी थे। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी—जिसमें ब्रेंट क्रूड फिसलकर 79.23 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया—ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत दी। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत से ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला स्थिर होने की उम्मीदों ने निवेशकों की घबराहट को कम किया, जिससे बाजार ने राहत की सांस ली।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भी अपना भरोसा जताया और भारतीय इक्विटी में 4,859.07 करोड़ रुपये का निवेश किया। इस नई नकदी और Reliance Industries व HDFC Bank जैसे दिग्गज शेयरों में जोरदार खरीदारी ने दिन की बढ़त की नींव रखी। जहां Tech Mahindra, Infosys और Sun Pharma के नेतृत्व में IT और फार्मा शेयरों में तेजी रही, वहीं FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ही ऐसे रहे जो बाजार की रफ्तार के साथ कदमताल नहीं कर सके।

कॉर्पोरेट हलचल और बदलता मिजाज

सूचकांकों के आंकड़ों के इतर, कॉर्पोरेट जगत में भी काफी हलचल रही। Bajaj Auto ने अपने बोर्ड से बड़े शेयर बायबैक को मंजूरी दिलाकर बाजार का ध्यान खींचा। कंपनी 12,000 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 5,633 करोड़ रुपये के शेयर वापस खरीदने की योजना बना रही है, जो आमतौर पर कंपनी के प्रबंधन का अपने वैल्यूएशन पर भरोसे का संकेत माना जाता है। वहीं, IPO की तैयारी कर रही Laxyo ने जाम्बिया में 200 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर के साथ अफ्रीका में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं, और Titan Company ने 400 करोड़ रुपये के कमर्शियल पेपर रिडीम किए, जिससे लिक्विडिटी का चक्र बना हुआ है।

यह क्यों मायने रखता है

हालांकि Sensex और Nifty बढ़त के साथ बंद हुए, लेकिन व्यापक तस्वीर सतर्कता भरे आशावाद की है। डॉलर के मुकाबले रुपये का 94.67 तक गिरना अभी भी एक चिंता का विषय बना हुआ है, जो वैश्विक स्तर पर अमेरिकी मुद्रा की मजबूती को दर्शाता है। निवेशक स्पष्ट रूप से घरेलू विकास के उत्साह और वैश्विक व्यापक आर्थिक चुनौतियों के बीच संतुलन बना रहे हैं। यूरोपीय सूचकांकों से मिले मिले-जुले संकेतों के बावजूद बाजार का अपनी बढ़त बनाए रखना यह दर्शाता है कि विदेशी पूंजी के लिए भारत अभी भी एक लचीली और अलग कहानी बना हुआ है। आम निवेशकों के लिए, यह सत्र एक याद दिलाता है कि जब वैश्विक राजनीति अस्थिर हो, तब भी स्थानीय नकदी और सेक्टर का प्रदर्शन ही शेयर बाजार के मुख्य इंजन बने रहते हैं।

द्वारा कबीर शर्मा
फ़ीचर्स लेखक

कबीर शर्मा पॉलिटिकलपीडिया के लिए संस्कृति, तकनीक और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लिखते हैं।