AIIMS सिरिंज रिकॉल: स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुरक्षा कार्रवाई के लिए क्वालिटी सर्विलांस को बताया कारण
AIIMS में सिरिंज को वापस लेना एक एहतियाती और रोगी-सुरक्षा उपाय था: स्वास्थ्य मंत्रालय

तीन सप्ताह के भीतर दो बैचों को वापस लेने की घटनाओं के बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पताल के इस कदम का बचाव करते हुए इसे एक मानक और सक्रिय रोगी-सुरक्षा उपाय बताया है।
राजधानी के प्रमुख चिकित्सा संस्थान, AIIMS, उस समय चर्चा में आ गया जब एक महीने से भी कम समय में 10 मिलीलीटर वाली डिस्पोजेबल सिरिंज के दो अलग-अलग बैचों को प्रचलन से बाहर कर दिया गया। अलग-अलग निर्माताओं से जुड़ी इन त्वरित रिकॉल की घटनाओं के बाद, राज्यसभा सांसद हारिस बीरन ने 10 जून को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर इन गुणवत्ता संबंधी खामियों से मरीजों को होने वाले संभावित खतरों की औपचारिक जांच की मांग की थी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि गुरुवार को एक सरकारी सूत्र ने पुष्टि की कि इन बैचों को वापस लेना किसी प्रणालीगत विफलता का संकेत नहीं है, बल्कि यह एक "मजबूत गुणवत्ता निगरानी तंत्र" का सीधा परिणाम है। मंत्रालय के अनुसार, अस्पताल का आंतरिक प्रोटोकॉल यह अनिवार्य करता है कि गुणवत्ता संबंधी किसी भी मुद्दे को प्राथमिकता के साथ हल किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि संभावित रूप से खराब चिकित्सा आपूर्ति को मरीजों पर इस्तेमाल करने से पहले ही पहचान कर अलग कर दिया जाए।
रिकॉल प्रक्रिया के भीतर
जब गुणवत्ता संबंधी कोई चिंता प्रशासन तक पहुंचती है, तो प्रक्रिया बहुत सख्त होती है। प्रभावित सामग्री को तुरंत ट्रेस किया जाता है और अस्पताल के सभी विभागों से वापस ले लिया जाता है। AIIMS की नीति केवल हटाने तक सीमित नहीं है; आपूर्तिकर्ता को खराब स्टॉक को बदलने के लिए बाध्य किया जाता है और चूक के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण मांगने हेतु 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी किया जाता है।
इसके बाद इन घटनाओं की जांच अस्पताल की विशिष्ट अनुबंध शर्तों और प्रचलित नियामक प्रावधानों के आधार पर की जाती है। हालांकि अधिकारियों ने "गुणवत्ता संबंधी मुद्दों" की प्रकृति का खुलासा नहीं किया है, लेकिन तीन सप्ताह के भीतर दो बार हुई इन रिकॉल की घटनाओं ने चिकित्सा उपभोग्य सामग्रियों (medical consumables) की खरीद और जांच मानकों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है: बड़ी तस्वीर
यह घटना भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बड़ी मात्रा में खरीद और सख्त गुणवत्ता नियंत्रण के बीच के नाजुक संतुलन को उजागर करती है। AIIMS जैसी व्यवस्था में, जहां प्रतिदिन हजारों प्रक्रियाएं होती हैं, वहां बुनियादी चिकित्सा सामग्रियों की आपूर्ति श्रृंखला बहुत विशाल है। एक "संरचित घटना रिपोर्टिंग प्रणाली" पर निर्भरता एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है, लेकिन यह एक व्यापक चुनौती को भी दर्शाती है: जैसे-जैसे अस्पतालों का विस्तार होता है, गुणवत्ता निगरानी का बोझ तेजी से बढ़ता है।
आगे बढ़ते हुए, ध्यान इस बात पर रहेगा कि क्या ये रिकॉल केवल विनिर्माण संबंधी दोष हैं या टेंडर प्रक्रिया में किसी बड़ी खामी के लक्षण। मंत्रालय के लिए प्राथमिकता यह दिखाना है कि भले ही व्यक्तिगत बैच विफल हो जाएं, लेकिन उन विफलताओं को पकड़ने के लिए बनाया गया सुरक्षा जाल पूरी तरह से काम कर रहा है। क्या इससे मौजूदा वेंडर अनुबंधों का कड़ा ऑडिट होगा, यह देखना बाकी है।
रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।