दिल्ली-एनसीआर मौसम अपडेट: मानसून के आगमन से पहले बढ़ेगी उमस, तापमान में होगा इजाफा
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद मौसम आज, 14 जून 2026: राजधानी में तापमान बढ़ने के आसार, IMD ने जारी किया अलर्ट

बारिश के बाद मिली कुछ राहत के बाद, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लोग इस रविवार को बढ़ते तापमान और चिपचिपी उमस का सामना करने के लिए तैयार रहें।
गर्मी की शुरुआत में राजधानी को झुलसाने वाली भीषण गर्मी से फिलहाल राहत है और शहर की सुबह खुशनुमा और हवादार रही। आज 14 जून को सुबह 6 बजे दिल्ली-एनसीआर में तापमान 28°C दर्ज किया गया। पिछले एक सप्ताह से हो रही रुक-रुक कर बारिश और आंधी के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है।
हालांकि सुबह आसमान साफ रहा, लेकिन छाते को अभी पूरी तरह से अंदर न रखें। हालिया बारिश से बची नमी के कारण दिन भर उमस बनी रहने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों ने अधिकतम तापमान 38°C रहने का अनुमान जताया है। मई में पड़ी भीषण गर्मी के मुकाबले यह तापमान कम है, लेकिन बढ़ते तापमान और लगभग 72 प्रतिशत तक रहने वाली नमी के कारण गर्मी का अहसास थर्मामीटर की रीडिंग से कहीं ज्यादा होगा।
राजधानी में बदलता मौसम का मिजाज
इस मौसम में उतार-चढ़ाव ही सबसे बड़ी चर्चा का विषय रहा है। शनिवार को तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा, राजधानी में अधिकतम तापमान 35.6°C दर्ज किया गया, जो मौसमी औसत से करीब 4.3°C कम था। इस गिरावट ने नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के निवासियों को बड़ी राहत दी है, जो लंबे समय से अस्थिर मौसम का सामना कर रहे थे।
IMD के ताजा आंकड़े एक संक्रमण काल (ट्रांजिशन फेज) की ओर इशारा कर रहे हैं। रविवार के लिए पूर्वानुमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना है, हालांकि कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की गई है। CPCB के ताजा आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 111 है, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है—यह पहले के खराब वायु गुणवत्ता वाले दिनों की तुलना में एक स्वागत योग्य सुधार है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
मौजूदा मौसम का पैटर्न दिल्ली के बदलते माइक्रो-क्लाइमेट की अनिश्चितता को दर्शाता है। हम गर्मियों के लंबे और स्थिर दौर से निकलकर ऐसे चक्र की ओर बढ़ रहे हैं, जहां पश्चिमी विक्षोभ के कारण अचानक तूफान आते हैं और फिर उमस बढ़ जाती है। प्रशासन और निवासियों के लिए चुनौती सिर्फ लू का प्रबंधन करना नहीं, बल्कि अचानक आने वाले नमी भरे बदलावों के अनुकूल होना भी है, जो बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। जैसे-जैसे शहर मानसून की प्रतीक्षा कर रहा है, बढ़ती गर्मी और उमस के ये दिन याद दिलाते हैं कि राजधानी की जलवायु तेजी से अस्थिर हो रही है।
अगले 24 घंटों में लू चलने की कोई संभावना नहीं है, इसलिए राजधानी को फिलहाल राहत है, हालांकि यह राहत अस्थायी है। विशेषज्ञ इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि उमस का स्तर कितनी जल्दी घटता या बढ़ता है, क्योंकि यही आने वाले सप्ताह में लोगों की सुविधा तय करेगा।
प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।