
विचार
एलीट पैराडॉक्स: भारत के जन-आंदोलन जमीनी स्तर पर नेतृत्व क्यों नहीं पैदा कर पाते?
भारत जन-आंदोलनों को स्थायी बदलाव में बदलने के लिए क्यों संघर्ष करता है? एक नजर इस पर कि कैसे अभिजात वर्ग सार्वजनिक ऊर्जा को अपने पक्ष में कर लेता है और जमीनी नेतृत्व क्यों पीछे रह जाता है।
द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क · परसों