खेल
वह दिन जब एक क्रिकेट मैच वॉकआउट पर खत्म हुआ: भाऊसाहेब निंबालकर की अधूरी मास्टरक्लास
1948 के उस रणजी ट्रॉफी मैच को याद कीजिए, जहां भाऊसाहेब निंबालकर ने 443 रन बनाए थे। उनकी बल्लेबाजी से घबराकर काठियावाड़ की टीम ने मैच बीच में ही छोड़ दिया था ताकि वे विश्व रिकॉर्ड न बना सकें।
द्वारा अनन्या अय्यर · 3 घंटे पहले