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पटेल इंजीनियरिंग के शेयरों में आई तूफानी तेजी, निवेशकों की नजर क्यों है इस स्टॉक पर?

50 रुपये से कम के शेयर में तूफानी तेजी, विजय केडिया ने खरीद रखे हैं 1 करोड़ से ज्यादा शेयर

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 19 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
पटेल इंजीनियरिंग के शेयरों में आई हालिया तेजी पर निवेशकों की नजर
पटेल इंजीनियरिंग के शेयरों में आई हालिया तेजी पर निवेशकों की नजर

इंफ्रास्ट्रक्चर ऑर्डर्स की एक नई लहर ने पटेल इंजीनियरिंग के शेयर को 30 रुपये के पार पहुंचा दिया है, जिससे दिग्गज निवेशक विजय केडिया द्वारा लगाए गए दांव पर बाजार का ध्यान फिर से केंद्रित हो गया है।

भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में इन दिनों काफी हलचल है और पटेल इंजीनियरिंग का हालिया प्रदर्शन इसी तेजी को दर्शाता है। बुधवार को बीएसई पर कंपनी का शेयर 7% से अधिक उछलकर 30.68 रुपये पर बंद हुआ। यह उछाल कोई इकलौती घटना नहीं है; कंपनी ने केवल पांच कारोबारी सत्रों में 15% से अधिक की बढ़त हासिल की है। जैसे-जैसे कंपनी को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रोजेक्ट्स मिल रहे हैं, निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होता दिख रहा है।

इस तेजी के पीछे विजय केडिया की बड़ी हिस्सेदारी एक मुख्य कारण है। अपनी निवेश फर्म, केडिया सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से, इस दिग्गज निवेशक ने कंपनी में अपनी मजबूत पकड़ बनाई हुई है। उनके पास 1 करोड़ से अधिक यानी कुल 1,00,25,099 शेयर हैं, जो कंपनी में 1.01% की हिस्सेदारी के बराबर है। बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे अन्य संस्थागत निवेशकों के पास भी लगभग 99.7 लाख शेयर हैं, जो इस सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी में संस्थागत विश्वास को दर्शाता है।

प्रोजेक्ट्स की लंबी फेहरिस्त

शेयर की कीमतों में यह तेजी कंपनी द्वारा दी गई सकारात्मक जानकारियों के बाद आई है। सोमवार, 15 जून को एक नियामक फाइलिंग में, पटेल इंजीनियरिंग ने घोषणा की कि उसके 51% हिस्सेदारी वाले एक जॉइंट वेंचर को महाराष्ट्र कृष्णा घाटी विकास निगम से 126.37 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में सतारा जिले में सिंचाई और जल वितरण का काम शामिल है, जिसमें कंपनी का हिस्सा लगभग 64.45 करोड़ रुपये है।

राज्य-स्तरीय सिंचाई योजनाओं के अलावा, कंपनी का ऑर्डर बुक बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स से भी मजबूत हुआ है। हाल ही में, इसे नेपाल के संखुवासभा जिले में 1,593 करोड़ रुपये से अधिक की एक बड़ी पनबिजली परियोजना मिली है। यह प्रोजेक्ट SJVN लोअर अरुण पावर डेवलपमेंट कंपनी (SJVN की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी) द्वारा दिया गया है, जो सीमा पार ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर में कंपनी की बढ़ती पहुंच को रेखांकित करता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है: व्यापक दृष्टिकोण

बाजार के नजरिए से देखें तो पटेल इंजीनियरिंग में आई तेजी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के इक्विटी वैल्यू में बदलने का एक क्लासिक उदाहरण है। पैटर्न स्पष्ट है: सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां सिंचाई और पनबिजली के लिए आक्रामक रूप से ठेके दे रही हैं, और जिन कंपनियों के पास बेहतर निष्पादन क्षमता है, उन्हें इसका सीधा लाभ मिल रहा है। खुदरा निवेशकों के लिए, यह ट्रेंड संकेत देता है कि विजय केडिया जैसे दिग्गज निवेशक इन प्रोजेक्ट्स के लंबे समय में मिलने वाले नतीजों पर दांव लगा रहे हैं।

हालांकि, बड़ी तस्वीर अभी भी काम को पूरा करने की क्षमता पर टिकी है। ऑर्डर बुक मजबूत होने के बावजूद, पटेल इंजीनियरिंग जैसी कंपनियों के लिए चुनौती इन बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की है, जैसे कि महाराष्ट्र सिंचाई योजना के लिए 48 महीने की समय सीमा। चूंकि इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग आर्थिक नीति का आधार बनी हुई है, इसलिए बाजार इस बात पर कड़ी नजर रखेगा कि ये पेंडिंग ऑर्डर्स कागजों से निकलकर कब तक धरातल पर उतरते हैं।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।