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जब आयरलैंड ने उलटफेर के करीब पहुंचकर चौंका दिया था: 2022 के उस रोमांचक मैच की यादें

225 रन बनाने के बाद भी भारत सिर्फ 4 रन से जीत पाया था, आयरलैंड ने आखिरी गेंद तक दी थी कड़ी टक्कर

द्वारा प्रिया नायरप्रकाशित 26 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
जब आयरलैंड ने उलटफेर के करीब पहुंचकर चौंका दिया था: 2022 के उस रोमांचक मैच की यादें
जब आयरलैंड ने उलटफेर के करीब पहुंचकर चौंका दिया था: 2022 के उस रोमांचक मैच की यादें

IND vs IRL सीरीज को लेकर मची मौजूदा हलचल से बहुत पहले, डबलिन में हुए 2022 के एक मुकाबले ने साबित कर दिया था कि आयरिश टीम 'मेन इन ब्लू' को हार की कगार पर धकेल सकती है।

क्रिकेट में अक्सर 'डेविड बनाम गोलियत' (कमजोर बनाम ताकतवर) की कहानी की चर्चा होती है, लेकिन 28 जून, 2022 को जो हुआ, वह उलटफेर के बेहद करीब था। जैसे-जैसे भारतीय टीम आयरलैंड में अपने नए असाइनमेंट के लिए तैयारी कर रही है, प्रशंसकों के लिए उस हाई-स्कोरिंग टी20 थ्रिलर की यादें आज भी ताजा हैं। 225 रनों का विशाल लक्ष्य देने के बावजूद, भारत को मैच की आखिरी गेंद तक संघर्ष करना पड़ा और टीम बमुश्किल चार रनों से जीत दर्ज कर सकी।

हार्दिक पांड्या की कप्तानी में खेला गया यह मैच पावर-हिटिंग का एक रोलरकोस्टर था। भारत की पारी दीपक हुड्डा के शानदार शतक (104) और संजू सैमसन के तेजतर्रार 77 रनों पर टिकी थी। बोर्ड पर इतना बड़ा स्कोर होने के बाद मैच का फैसला लगभग तय लग रहा था, लेकिन आयरलैंड का जवाब बेहद आक्रामक था। पॉल स्टर्लिंग की विस्फोटक शुरुआत से लेकर जॉर्ज डॉकरेल और मार्क अडायर की शानदार बल्लेबाजी तक, मेजबान टीम ने आखिरी गेंद तक जरूरी रन रेट को अपनी पहुंच में बनाए रखा।

यह मैच क्यों मायने रखता है

यह मुकाबला इस बात की याद दिलाता है कि स्थापित क्रिकेट शक्तियों और उभरते हुए देशों के बीच का अंतर तेजी से कम हो रहा है। भारतीय प्रबंधन के लिए, ऐसे मैच टी20 प्रारूप की अनिश्चितता को दर्शाते हैं, जहां खेल का एक पल भी सबसे अनुभवी टीम का संतुलन बिगाड़ सकता है। हालांकि भारत ने 2022 की वह सीरीज 0-2 से जीती थी, लेकिन जीत का यह करीबी अंतर घरेलू मैदान पर आयरिश टीम के जज्बे को दिखाता है।

नेतृत्व में बदलाव

जैसे ही मौजूदा टीम श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में नई सीरीज के लिए आयरलैंड पहुंची है, 2022 के उस मैच की यादें फिर ताजा हो गई हैं। अय्यर के लिए यह दौरा एक महत्वपूर्ण पड़ाव है—टी20 कप्तान के रूप में उनका पदार्पण। कमजोर मानी जाने वाली टीम के खिलाफ भी भारतीय टीम की कप्तानी का दबाव, दबदबा बनाए रखने की उम्मीदों के कारण और बढ़ जाता है। अगर 2022 के उस 'बाल-बाल बचे' मैच ने चयनकर्ताओं को कुछ सिखाया है, तो वह यह है कि कोई भी कप्तान आत्मसंतुष्ट होने का जोखिम नहीं उठा सकता।

उस दिन आयरलैंड का प्रदर्शन आक्रामक क्रिकेट का एक बेहतरीन उदाहरण था। भुवनेश्वर कुमार और उमरान मलिक जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाजी आक्रमण का सामना करने के बावजूद, आयरिश बल्लेबाजों ने घुटने नहीं टेके। उन्होंने मैच को आखिरी ओवर तक खींच लिया और भारत के लिए आसान दिख रही जीत को एक हाई-वोल्टेज रणनीतिक लड़ाई में बदल दिया। यह IND vs IRL मुकाबलों के इतिहास का एक अहम अध्याय है, जो साबित करता है कि आंकड़े अक्सर मैदान पर होने वाली असली तीव्रता को बयां नहीं कर पाते।

द्वारा प्रिया नायर
राजनीतिक संवाददाता

प्रिया नायर पॉलिटिकलपीडिया के लिए दलों, चुनावों और सत्ता की राजनीति को कवर करती हैं।