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फरीदाबाद में कड़ी सुरक्षा और बारिश के बीच संपन्न हुई HTET परीक्षा

फरीदाबाद में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई एचटेट

द्वारा अर्जुन मेहताप्रकाशित 6 जुलाई 2026· 2 मिनट पढ़ें
फरीदाबाद में कड़ी सुरक्षा और बारिश के बीच HTET परीक्षा का आयोजन
फरीदाबाद में कड़ी सुरक्षा और बारिश के बीच HTET परीक्षा का आयोजन

राज्य भर में बरती गई कड़ी सतर्कता के बीच फरीदाबाद के 14 केंद्रों पर 7,000 से अधिक उम्मीदवारों ने हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) के लिए पंजीकरण कराया था।

शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव, HTET का आयोजन इस रविवार को फरीदाबाद में भारी सुरक्षा तैनाती के बीच हुआ। हाल के दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर हुई परीक्षाओं के विवादों से सबक लेते हुए, जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों को पूरी तरह से सुरक्षित 'कॉपी-फ्री' जोन में बदल दिया था। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में BNSS की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू थी, जिसके चलते केंद्रों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा और सन्नाटा पसरा रहा।

उम्मीदवारों के लिए यह दिन परीक्षा देने के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स से जूझने का भी रहा। जहां लेवल-1 (PRT) की सुबह की पाली सुचारू रूप से चली, वहीं दोपहर की लेवल-2 (TGT) परीक्षा के दौरान बेमौसम बारिश ने आवागमन को थोड़ा कठिन बना दिया। खराब मौसम के बावजूद उपस्थिति संतोषजनक रही; आंकड़ों के अनुसार लेवल-2 परीक्षा में 74.02% भागीदारी दर्ज की गई, जिसमें 4,415 पंजीकृत उम्मीदवारों में से 3,268 परीक्षा में शामिल हुए।

सुरक्षा प्रोटोकॉल और उम्मीदवारों का अनुभव

प्रशासन ने सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी। राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के सख्त प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, जिला प्रशासन ने त्रि-स्तरीय सुरक्षा जांच लागू की। महिला उम्मीदवारों को गहने पहनने की मनाही थी और बाल खुले रखने के निर्देश दिए गए थे, जबकि घड़ियों सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को परिसर में लाने पर सख्त प्रतिबंध था। सुरक्षाकर्मियों को भी निर्देश दिए गए थे कि वे केवल बाहरी घेरे में रहें, ताकि परीक्षा हॉल के अंदर केवल उम्मीदवार और अधिकृत वीक्षक ही मौजूद रहें।

हालांकि अधिकांश परीक्षार्थियों ने बताया कि पेपर संतुलित था और वे HTET पास करने को लेकर आशान्वित हैं, लेकिन कुछ असंतोष के स्वर भी सुनाई दिए। उम्मीदवारों ने लेवल-2 के पेपर में कुछ सवालों को लेकर चिंता जताई और उन्हें त्रुटिपूर्ण बताया। कुछ अन्य ने आरोप लगाया कि परीक्षा के कुछ पैकेट बिना उचित सील के आए थे, एक ऐसा विवरण जिस पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को अक्सर जांच करनी पड़ती है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह परीक्षा राज्य के प्रशासनिक संकल्प के लिए एक लिटमस टेस्ट की तरह है। देश भर में भर्ती परीक्षाओं में हुए पेपर लीक के बड़े घोटालों के बाद, सरकार पर चयन प्रक्रिया की पवित्रता बहाल करने का भारी दबाव है। यह HTET चक्र इस बात का उदाहरण है कि कैसे राज्य प्राधिकरण अब लॉजिस्टिक दक्षता और शून्य-सहिष्णुता वाली सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहे हैं। परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील क्षेत्र मानकर, प्रशासन भर्ती प्रक्रिया को कदाचार से बचाने का प्रयास कर रहा है, हालांकि पेपर सील को लेकर आई शिकायतें दर्शाती हैं कि 'लीक-प्रूफिंग' के तकनीकी पहलुओं में अभी और सुधार की आवश्यकता है।

जैसा कि यह लेख दर्शाता है, परीक्षा के माहौल का अधिक सख्त और सैन्यीकृत होना अब एक नया सामान्य चलन बन गया है। हजारों उम्मीदवारों के लिए, चुनौती अब केवल पाठ्यक्रम नहीं है, बल्कि एक ऐसी प्रणाली से गुजरना भी है जो कठोर और उच्च-स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूर्ण अनुपालन मांगती है।

द्वारा अर्जुन मेहता
राष्ट्रीय मामले संवाददाता

अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।