वर्ल्ड कप का आगाज़: 104 मैचों का रोमांचक नॉर्थ अमेरिकन सफर
गुरुवार से शुरू हो रहे वर्ल्ड कप के लिए एक क्विक गाइड
अमेरिका के विशाल स्टेडियमों से लेकर मैक्सिको और कनाडा के मैदानों तक, 2026 का विस्तारित टूर्नामेंट एक अभूतपूर्व वैश्विक तमाशा पेश करने के लिए तैयार है।
इंतजार की घड़ियां खत्म हो चुकी हैं। जैसे ही इस गुरुवार, 11 जून को फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत होगी, पूरी दुनिया की नजरें 39 दिनों तक चलने वाले इस फुटबॉल मैराथन पर टिक जाएंगी, जो तीन देशों और 16 मेजबान शहरों में फैला है। यह सिर्फ एक और टूर्नामेंट नहीं है; यह इतिहास में 'द ब्यूटीफुल गेम' का सबसे बड़ा आयोजन है। 48 टीमों के साथ, हम कुल 104 मैचों के गवाह बनेंगे, जो अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में मेजबानों की लॉजिस्टिकल क्षमता की परीक्षा लेंगे।
ग्रुप स्टेज काफी रोमांचक होने वाला है, जिसमें 11 जून से 27 जून के बीच 72 मैच खेले जाएंगे। बोस्टन, अटलांटा, डलास, ह्यूस्टन, कैनसस सिटी, लॉस एंजिल्स, मियामी, न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी, फिलाडेल्फिया, सिएटल और सैन फ्रांसिस्को बे एरिया के फैंस के साथ-साथ टोरंटो, वैंकूवर, ग्वाडलहारा, मैक्सिको सिटी और मॉन्टेरी के मेजबान भी इसमें शामिल होंगे। इस विशाल भौगोलिक विस्तार का मतलब है कि नॉर्थ अमेरिका में रहने वाले भारतीय प्रवासियों सहित कई समर्थकों के लिए, उनके जीवन का सबसे यादगार मैच उनके अपने शहर में हो सकता है।
टूर्नामेंट का फॉर्मेट और रोमांच
48 टीमों के मैदान में होने से मुकाबला और कड़ा हो गया है। शुरुआती ग्रुप स्टेज के बाद 32 टीमें आगे बढ़ेंगी, जिसका मतलब है कि गलती की गुंजाइश बहुत कम है; हर ग्रुप की आखिरी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। मैच पारंपरिक तरीके से ही होंगे—90 मिनट और इंजरी टाइम—जिसमें जीत के लिए तीन अंक, ड्रॉ के लिए एक और हार के लिए शून्य अंक मिलेंगे। जो लोग टिकट नहीं पा सके, उनके लिए ब्रॉडकास्टिंग के कई विकल्प मौजूद हैं। अमेरिका में, फॉक्स और FS1 के पास अधिकार हैं, साथ ही Fubo, YouTube TV, Hulu + Live TV और DirecTV Stream पर स्ट्रीमिंग उपलब्ध है। स्पेनिश भाषी दर्शक Telemundo या Peacock पर मैच देख सकते हैं।
बोस्टन का सिटी हॉल इस आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है, जहां 16 दिनों तक फीफा फैन फेस्टिवल में मैचों की लाइव स्क्रीनिंग होगी। यदि आप मैसाचुसेट्स में मैच देख रहे हैं, तो शेड्यूल काफी दिलचस्प है। 13 जून को हैती बनाम स्कॉटलैंड का मुकाबला होगा, जिसमें एंडी रॉबर्टसन और स्कॉट मैकटोमिने जैसे सितारे नजर आएंगे, जबकि 16 जून को एर्लिंग हालैंड की नॉर्वे टीम का सामना इराक से होगा। 19 जून तक, सबकी नजरें स्कॉटलैंड और मोरक्को के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले पर होंगी, जो 2022 टूर्नामेंट की सेमीफाइनल टीम रही है।
यह क्यों मायने रखता है
48 टीमों का विस्तार फीफा द्वारा वैश्विक स्तर पर अपनी पहुंच बढ़ाने की एक सोची-समझी रणनीति है। तीन देशों में टूर्नामेंट आयोजित करके, फीफा यह परख रहा है कि क्या 'द ब्यूटीफुल गेम' इतनी विशाल और अलग-अलग टाइम-ज़ोन वाली बुनियादी संरचना को संभाल सकता है। आलोचकों को इसकी लॉजिस्टिक्स को लेकर चिंता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जिस तरह की दीवानगी दिख रही है, उससे साफ है कि फुटबॉल की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत के लिए, जो अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के विकास को करीब से देख रहा है, यह टूर्नामेंट एक बेंचमार्क की तरह है कि कैसे आधुनिक मेगा-इवेंट्स स्थानीय जुड़ाव और डिजिटल-फर्स्ट ब्रॉडकास्टिंग रणनीति के बीच संतुलन बना सकते हैं।
अनन्या अय्यर पॉलिटिकलपीडिया के लिए भारतीय दृष्टिकोण से वैश्विक मामलों को कवर करती हैं।