लंबा इंतजार हुआ खत्म: संभावना सेठ ने पहली बार दिखाई अपने नवजात बेटे की झलक
संभावना सेठ ने पहली बार दिखाई बेटे की झलक, दो तस्वीरें शेयर कर बोलीं- मेरा नन्हा राजकुमार
प्रजनन संबंधी बाधाओं के साथ एक दशक लंबे संघर्ष के बाद, लोकप्रिय टेलीविजन हस्ती ने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाली पोस्ट के जरिए अपने बेटे से दुनिया को रूबरू कराया है।
टेलीविजन स्टार संभावना सेठ के लिए पिछले दस साल क्लिनिकल प्रक्रियाओं, भावनात्मक थकान और बार-बार विफल रहे IVF प्रयासों के दर्द से भरे रहे हैं। इस हफ्ते, वह लंबा इंतजार आखिरकार हकीकत में बदल गया। अपनी व्यक्तिगत यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव को चिह्नित करते हुए, संभावना सेठ ने सोशल मीडिया पर अपने नवजात बेटे की पहली झलक साझा की और उसे अपना "नन्हा राजकुमार" बताया।
यह घोषणा उस खबर के लगभग एक हफ्ते बाद आई है, जिसमें अभिनेत्री और उनके पति अविनाश द्विवेदी ने सरोगेसी के जरिए जुड़वां बच्चों- एक बेटा और एक बेटी- के जन्म की जानकारी दी थी। यह जोड़ा, जिसने माता-पिता बनने की अपनी कठिन राह के बारे में हमेशा अपने प्रशंसकों के साथ पारदर्शिता बनाए रखी है, ने अपने बेटे को दुनिया के सामने लाने के लिए एक बेहद भावुक तरीका चुना। पोस्ट की गई तस्वीरों में से एक में माता-पिता बच्चे के नन्हे पैरों को सहलाते हुए नजर आ रहे हैं, जो उन वर्षों की अनिश्चितता के विपरीत एक सुखद अहसास है, जिसे उन्होंने पहले साझा किया था।
ग्लैमर से परे एक संघर्षपूर्ण यात्रा
एक ऐसे उद्योग में जहां निजी जीवन को अक्सर दिखावे के लिए पेश किया जाता है, संभावना की यात्रा काफी वास्तविक रही है। उन्होंने और अविनाश ने अक्सर उस "तनाव और चिंता" के बारे में बात की है जो उनकी एक दशक लंबी फर्टिलिटी की लड़ाई के साथ जुड़ी थी। फेसबुक और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म पर इन अंतरंग पलों को साझा करके, उन्होंने अपने दर्शकों के उस बड़े वर्ग को प्रभावित किया है जो समान प्रजनन स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहे हैं।
हालांकि यह खबर माता-पिता बनने की उनकी खुशी को दर्शाती है, लेकिन यह इस बात पर भी प्रकाश डालती है कि सार्वजनिक हस्तियां अब बांझपन (infertility) के बारे में कैसे बात कर रही हैं। भारतीय मनोरंजन जगत में ऐतिहासिक रूप से ऐसे विषयों के आसपास रहने वाली चुप्पी के विपरीत, इस जोड़े ने अपने संघर्ष को दर्ज करने का विकल्प चुना—कई गर्भपात से लेकर सरोगेसी की सफलता तक। इस तरह उन्होंने अपनी सार्वजनिक छवि को केवल एक मनोरंजनकर्ता से बदलकर उन लोगों की आवाज बना दिया है जो आधुनिक प्रजनन चिकित्सा की जटिलताओं से जूझ रहे हैं।
यह क्यों मायने रखता है: वकालत का बदलता चेहरा
सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर मिली प्रतिक्रिया दर्शाती है कि समाज अब असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) को स्वीकार करने में अधिक सहज हो रहा है। जब संभावना सेठ जैसा कोई प्रमुख चेहरा अपनी कहानी साझा करता है, तो यह केवल जिज्ञासा को शांत नहीं करता, बल्कि उस बातचीत को सामान्य बनाता है जिसे अभी भी कई भारतीय घरों में वर्जित माना जाता है।
सरोगेसी का विकल्प चुनकर और अपनी IVF यात्रा के दौरान आई बाधाओं के बारे में खुलकर बात करके, इस जोड़े ने अनजाने में ही उन परिवारों के लिए समर्थन की कमी को उजागर किया है जो बांझपन से जूझ रहे हैं। उनका अनुभव आंकड़ों को एक मानवीय चेहरा देता है। जैसे-जैसे अधिक सार्वजनिक हस्तियां माता-पिता बनने के इन रास्तों को सामान्य बना रही हैं, फर्टिलिटी क्लीनिक और परिवार बनाने के वैकल्पिक विकल्पों के इर्द-गिर्द बना कलंक कम हो रहा है, जिससे आम नागरिकों के लिए भी यह प्रक्रिया थोड़ी सुलभ हो रही है।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।