क्राइस्टचर्च में 'ऑल व्हाइट्स' का जलवा: 16 साल के इंतजार के बाद विश्व कप में यादगार वापसी
ईरान के खिलाफ गोल होते ही क्राइस्टचर्च में फीफा विश्व कप वॉच पार्टी में जश्न का माहौल
न्यूजीलैंड के फुटबॉल प्रशंसकों का उत्साह तब चरम पर पहुंच गया जब ईरान के खिलाफ शुरुआती गोल ने वैश्विक मंच पर टीम की दमदार वापसी का संकेत दिया।
मंगलवार दोपहर क्राइस्टचर्च के 'द रैम्बलर' का नजारा बेहद रोमांचक था। जब 'ऑल व्हाइट्स' 16 साल में पहली बार फीफा विश्व कप में हिस्सा लेने के लिए लॉस एंजिल्स के मैदान पर उतरे, तो हजारों किलोमीटर दूर न्यूजीलैंड के पब प्रशंसकों से खचाखच भरे हुए थे। मैच के महज सातवें मिनट में मिडफील्डर एलिजाह जस्ट ने शानदार वॉली के जरिए ईरानी गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवंद को छकाते हुए गेंद को जाल में डाल दिया। इसके साथ ही भीड़ में जो शोर गूंजा, वह डेढ़ दशक की दबी हुई उम्मीदों का विस्फोट था।
अंडरडॉग टीम के लिए यह एक सपने जैसी शुरुआत थी। भले ही न्यूजीलैंड विश्व रैंकिंग में 85वें स्थान पर था और ईरान 20वें, लेकिन क्राइस्टचर्च में मौजूद प्रशंसकों के जोश को देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा था कि उन्हें आंकड़ों की कोई परवाह है। अपनी काली जर्सी में टीम शुरुआत से ही आत्मविश्वास से भरी दिखी। क्रिस वुड और सरप्रीत सिंह के बेहतरीन तालमेल से यह गोल संभव हुआ। हालांकि 30वें मिनट के बाद ईरान ने बराबरी का गोल दाग दिया, लेकिन शुरुआती बढ़त ने टीम के इरादे साफ कर दिए थे।
लॉस एंजिल्स तक का लंबा सफर
रग्बी के दीवाने देश में फुटबॉल के प्रति यह बढ़ता रुझान काफी महत्वपूर्ण है। न्यूजीलैंड का पिछला विश्व कप सफर 2010 में खत्म हुआ था, जहां वे टूर्नामेंट में एकमात्र ऐसी टीम थे जो एक भी मैच नहीं हारी थी—एक ऐसा रिकॉर्ड जिस पर यहां के प्रशंसक आज भी गर्व करते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ वार्म-अप मैच में 1-0 की करीबी हार के बाद उम्मीदें थोड़ी कम थीं, लेकिन लॉस एंजिल्स से लेकर न्यूजीलैंड तक प्रशंसकों का उत्साह कम नहीं हुआ।
एलिजाह जस्ट का उदय स्थानीय पर्यवेक्षकों के लिए चर्चा का विषय रहा है। लीग फुटबॉल से विश्व कप के बड़े मंच तक का उनका सफर इस टीम के संघर्ष को दर्शाता है। सैन डिएगो के ट्रेनिंग बेस पर एक हफ्ते के कड़े अभ्यास के बाद, टीम का पूरा ध्यान शीर्ष फुटबॉल देशों के खिलाफ रणनीतिक अनुशासन पर रहा है।
यह क्यों मायने रखता है
यह मैच केवल ग्रुप G का एक मुकाबला नहीं है; यह प्रशांत क्षेत्र में खेल के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। एक कीवी टीम को विश्व मंच पर प्रतिस्पर्धा करते और ईरान जैसी उच्च रैंकिंग वाली टीम को टक्कर देते देखना, राष्ट्रीय कार्यक्रम में किए गए दीर्घकालिक निवेश को सही साबित करता है। क्राइस्टचर्च के प्रशंसकों के लिए, स्कोरबोर्ड का परिणाम गौण है; उनके लिए यह इस बात की पुष्टि है कि उनकी टीम वैश्विक दिग्गजों के बीच रहने की हकदार है। यदि 'ऑल व्हाइट्स' ग्रुप स्टेज में इसी तरह का तालमेल बनाए रखते हैं, तो वे केवल संख्या बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि दुनिया को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए आए हैं।
अनन्या अय्यर पॉलिटिकलपीडिया के लिए भारतीय दृष्टिकोण से वैश्विक मामलों को कवर करती हैं।