नागोले के रेस्टोरेंट में गंदगी और एक्सपायर्ड सामान का अंबार, फूड सेफ्टी नियमों की उड़ी धज्जियां
नागोले के रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन, प्रशासन ने जारी किया नोटिस
नागोले के दसारा रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन ने किचन की स्वच्छता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों को छापेमारी के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री और भारी गंदगी मिली है।
शुक्रवार को हुई औचक छापेमारी के दौरान फ्लैगशिप वाइब्स प्राइवेट लिमिटेड की इकाई 'दसारा' के किचन की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। मलकजगिरी नगर निगम की फूड सेफ्टी विंग को वहां पहुंचते ही जो नजारा दिखा, वह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा था। फर्श पर जमा गंदा पानी और दीवारों व छतों पर जमी गंदगी ने साफ कर दिया कि वहां स्वच्छता मानकों का पालन नहीं हो रहा था।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ बरामद किए, जिनमें बालासा पंजाबी मसाला पापड़ के कई पैकेट और गोल्ड क्राउन मस्टर्ड सॉस का 200 ग्राम का पैक शामिल था। इन सामानों को तुरंत जब्त कर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा, किचन स्टाफ बिना ग्लव्स या एप्रन के काम कर रहा था और खुला रखा हुआ खाना मक्खियों के लिए दावत बना हुआ था।
प्रबंधन जरूरी दस्तावेज जैसे 'फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन' (FoSTaC) और पानी की जांच रिपोर्ट भी पेश नहीं कर सका। इसके चलते फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और कमियों को जल्द दूर करने का निर्देश दिया गया है। महज 65 फीसदी हाइजीन रेटिंग के साथ, अब इस रेस्टोरेंट को सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने की कड़ी चुनौती का सामना करना होगा।
बड़ी तस्वीर
यह घटना हैदराबाद में स्थानीय नगर निकायों द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा है। हाल ही में कई आउटलेट्स पर जंग लगे उपकरणों, खराब स्टोरेज और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के चलते कार्रवाई की गई है। आम ग्राहकों के लिए ये रिपोर्ट एक चेतावनी है कि रेस्टोरेंट के चमकते डाइनिंग एरिया के पीछे का सच अक्सर गंदगी से भरा हो सकता है।
इन नोटिसों की बढ़ती संख्या यह बताती है कि राज्य की फूड सेफ्टी विंग अब शिकायतों का इंतजार करने के बजाय खुद सक्रिय होकर कार्रवाई कर रही है। हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के लिए संदेश साफ है: लापरवाही और खराब स्वच्छता का दौर अब खत्म हो रहा है। जो व्यवसाय इन बुनियादी सुरक्षा प्रोटोकॉल को प्राथमिकता नहीं देंगे, वे न केवल नोटिस का सामना करेंगे, बल्कि बाजार में अपनी साख भी खो देंगे।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।