सोफी स्टेडियम में बड़ा उलटफेर: फीफा वर्ल्ड कप के रोमांचक मुकाबले में तुर्की ने अमेरिका को चौंकाया
फीफा वर्ल्ड कप: 99वें मिनट में गोल दागकर तुर्की ने अमेरिका को दी मात
कान आयहान के 99वें मिनट में किए गए गोल ने अमेरिका को एक नाटकीय हार थमा दी, हालांकि इसके बावजूद अमेरिकी टीम नॉकआउट चरण की अपनी राह पर मजबूती से बनी हुई है।
सोफी स्टेडियम में फीफा वर्ल्ड कप के दौरान तुर्की और यूएसए के बीच हुआ मुकाबला स्टॉपेज टाइम में बेहद रोमांचक हो गया। नौ मिनट के अतिरिक्त समय के दौरान मैच बराबरी पर रहने की उम्मीद थी। लेकिन तभी अर्दा गुलर की शानदार दौड़ ने अंतिम हमले की शुरुआत की, जिसके बाद कैन उज़ुन के लो-क्रॉस को कान आयहान ने बड़ी कुशलता से नेट में डाल दिया। यह मैच का आखिरी रोमांचक पल था जिसने दर्शकों को अंत तक सांसें थामे रखा।
यूएसए ने ग्रुप लीडर के तौर पर अपना दबदबा बनाने के इरादे से मैच की शुरुआत की। खेल के तीसरे ही मिनट में ऑस्टन ट्रस्टी ने कॉर्नर से मिले मौके को भुनाते हुए बाएं पैर से शानदार गोल कर दिया, जो लगातार तीसरा मैच था जिसमें अमेरिकियों ने शुरुआती बढ़त बनाई। हालांकि, यह बढ़त ज्यादा देर नहीं टिक सकी। डिफेंस में हुई एक चूक का फायदा उठाकर 10वें मिनट में गुलर ने बराबरी का गोल कर दिया, जिससे मैच का रुख पूरी तरह मेहमान टीम की ओर मुड़ गया।
रणनीतिक खींचतान
31वें मिनट तक तुर्की ने मैच में वापसी कर ली थी। केनन यिल्डिज़ ने विंग पर मिली जगह का फायदा उठाते हुए एक सटीक क्रॉस दिया, जिसे बारिस अल्पर यिलमाज़ ने गोल में बदलकर अपनी टीम को 2-1 से आगे कर दिया। अमेरिका के लिए यह स्थिति नई थी क्योंकि पूरे टूर्नामेंट में उन्हें अब तक पिछड़ने का सामना नहीं करना पड़ा था।
हाफ टाइम के बाद मेजबान टीम ने नए जोश के साथ वापसी की। ब्रेक के तुरंत बाद सेबेस्टियन बर्हाल्टर ने बॉक्स के किनारे मिली ढीली गेंद को गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया। हालांकि, 99वें मिनट में हुई रक्षात्मक चूक के कारण मिली यह नाटकीय हार टीम को झेलनी पड़ी, लेकिन अमेरिका का अभियान पटरी पर है। पराग्वे और ऑस्ट्रेलिया पर पहले ही जीत दर्ज कर चुकी अमेरिकी टीम इस परिणाम के बावजूद ग्रुप में शीर्ष पर रही।
बड़ी तस्वीर
हालांकि न्यूयॉर्क से लेकर इस्तांबुल तक की सुर्खियां इस अंतिम क्षण में मिली जीत पर केंद्रित होंगी, लेकिन नॉकआउट चरण के लिए रणनीतिक संकेत स्पष्ट हैं। अमेरिका के लिए, हाई-प्रेसिंग विरोधियों के खिलाफ मिडफील्ड में रक्षात्मक चूक कोचिंग स्टाफ के लिए चिंता का विषय होगी। वहीं तुर्की के लिए, यह जीत उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है, जो साबित करती है कि वे दबाव वाली स्थितियों में शीर्ष स्तर की टीमों को पछाड़ सकते हैं।
यह परिणाम टूर्नामेंट फुटबॉल की अनिश्चितता की याद दिलाता है। हालांकि अमेरिका अपने पूल में शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रहा, लेकिन तुर्की जैसी प्रेरित टीम के खिलाफ मैच को ड्रॉ पर खत्म न कर पाना यह दर्शाता है कि नॉकआउट चरण शुरू होने के बाद आत्मसंतुष्टि की कोई जगह नहीं है।
अर्जुन मेहता पॉलिटिकलपीडिया के लिए सरकार, नीति और संसद पर रिपोर्ट करते हैं।