स्मृति और शेफाली की तूफानी बल्लेबाजी, नीदरलैंड्स को हराकर भारत ने बनाया रिकॉर्ड स्कोर
शेफाली और मंधाना की बदौलत भारत ने नीदरलैंड्स को 95 रनों से रौंदा
लीड्स में भारतीय ओपनिंग जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 95 रनों की एकतरफा जीत दिलाई, जिससे मैनचेस्टर में होने वाले अगले मुकाबले से पहले टीम का मनोबल काफी ऊंचा है।
बुधवार को लीड्स के दर्शकों ने आक्रामक बल्लेबाजी का एक बेहतरीन नमूना देखा, जब स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने नीदरलैंड्स के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं। टूर्नामेंट के इतिहास में भारत के अब तक के सबसे बड़े स्कोर 209/5 तक पहुंचकर, इस जोड़ी ने एक संभावित कड़े मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। हालांकि हाल ही में aus w vs ned w मैच को लेकर काफी चर्चा रही, लेकिन इस बार भारतीय ओपनर्स ने महफिल लूट ली। दोनों ने महज 70 गेंदों में 115 रनों की साझेदारी कर मैच को आधे रास्ते तक पहुंचने से पहले ही नीदरलैंड्स की पकड़ से दूर कर दिया।
पावर-हिटिंग का मास्टरक्लास
शेफाली पहली गेंद से ही आक्रामक दिखीं और उन्होंने ऐसे जोखिम उठाए कि नीदरलैंड्स की कप्तान बैबेट डी लीड फील्डिंग सेट करने में जूझती रहीं। टूर्नामेंट में अपना पहला अर्धशतक जड़ते हुए उन्होंने 38 गेंदों में 55 रन बनाए, जिसमें एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से लगाया गया उनका हवाई शॉट दर्शनीय था। वहीं दूसरी ओर, मंधाना ने एंकर की भूमिका निभाई और पावरप्ले के बाद खुलकर बल्लेबाजी की। जब तक उन्होंने अपना लगातार दूसरा अर्धशतक पूरा किया, तब तक स्कोरबोर्ड के दबाव में डच गेंदबाज अपनी लय खो चुके थे—छठे ओवर में छह वाइड गेंदें इसका स्पष्ट प्रमाण थीं।
नीदरलैंड्स की ओर से जवाब जोश भरा तो था लेकिन बहुत संक्षिप्त रहा। कप्तान डी लीड और स्ट्रे कालिस ने कुछ अच्छे शॉट जरूर लगाए, लेकिन जरूरी रन रेट का दबाव बहुत ज्यादा था। जैसे ही नंदनी शर्मा ने हीथर सीगर्स को आउट कर अपना पहला ICC विकेट लिया, विकेटों का पतझड़ शुरू हो गया। दीप्ति शर्मा ने शुरुआती सफलता दिलाई और चतुर श्री चरानी ने घातक गेंदबाजी करते हुए 17वें ओवर में हैट्रिक की दहलीज तक पहुंच गईं, जिसके बाद पूरी डच टीम 114 रनों पर सिमट गई।
चोट की चिंता
इस शानदार जीत के बावजूद, शाम का एक हिस्सा चिंताजनक रहा। भारतीय स्पिन विभाग की अहम खिलाड़ी श्रेयंका पाटिल फील्डिंग के दौरान अपना टखना मुड़वा बैठीं और उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर ले जाना पड़ा। चूंकि 21 जून को मैनचेस्टर में भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीम से है, इसलिए टीम प्रबंधन उनकी रिकवरी पर बारीकी से नजर रखेगा। हालांकि, गेंदबाजी की गहराई साफ दिखी और डेब्यू कर रहीं नंदनी शर्मा ने साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
बड़ी तस्वीर
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि भारत अब शुरुआती ओवरों में अपनी रणनीति बदल रहा है। लगातार 200 से अधिक के स्कोर का लक्ष्य रखकर टीम अब रक्षात्मक शुरुआत के बजाय निडर और आक्रामक रणनीति अपना रही है। भले ही नीदरलैंड्स के पास भारत को चुनौती देने के लिए गेंदबाजी की गहराई नहीं थी, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह आक्रामक तरीका दक्षिण अफ्रीका जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ भी काम करेगा। यदि भारत इसी स्ट्राइक रेट को बरकरार रखता है और फील्डिंग में सुधार करता है, तो वे टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार नजर आ रही हैं।
कबीर शर्मा पॉलिटिकलपीडिया के लिए संस्कृति, तकनीक और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लिखते हैं।