सर रन-मशीन: प्रसिद्ध कृष्णा के खिलाफ सोशल मीडिया पर क्यों भड़के फैंस?
IND vs IRE: बेलफास्ट में महंगे साबित हुए भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा, फैंस ने जमकर की खिंचाई

बेलफास्ट में भारतीय तेज गेंदबाज के महंगे स्पेल ने राष्ट्रीय टीम में उनकी लगातार जगह को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
शुक्रवार को बेलफास्ट के सर्विस क्रिकेट क्लब का खूबसूरत मैदान भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिए एक कड़वी सच्चाई लेकर आया। जहां IND vs IRE टी20 मैच का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को परखना था, वहीं सुर्खियां प्रसिद्ध कृष्णा के संघर्ष ने बटोर लीं। अपने चार ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 57 रन लुटाने वाले कृष्णा सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का केंद्र बन गए, जहां फैंस तीनों फॉर्मेट में उनके लगातार चयन पर सवाल उठा रहे हैं।
बेलफास्ट की वह रात जिसे भूलना चाहेंगे कृष्णा
26 जून के मुकाबले के आंकड़े कृष्णा की लय की खराब स्थिति को बयां करते हैं। अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा के साथ गेंदबाजी की कमान संभालने वाले कर्नाटक के इस तेज गेंदबाज ने शुरुआत तो ठीक की, लेकिन 17वें ओवर में उनकी गेंदबाजी बिखर गई। श्रेयस अय्यर ने जब उन्हें दबाव बनाने के लिए वापस बुलाया, तो कृष्णा बुरी तरह विफल रहे। जॉर्ज डॉकरेल ने बाउंड्री लगाकर रनों की बारिश शुरू की और गैरेथ डेलानी ने उसी ओवर में तीन छक्के और एक चौका जड़कर उनकी धज्जियां उड़ा दीं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया तुरंत और तीखी थी। X (पूर्व में ट्विटर) पर 'सर रन-मशीन प्रसिद्ध कृष्णा' ट्रेंड करने लगा, जिसमें फैंस ने उनके चयन की आवृत्ति और मैच के प्रदर्शन के बीच के अंतर पर कटाक्ष किया। आलोचकों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियमित मौका मिलने पर सवाल उठाए, तो कुछ ने उन्हें 'वन-डायमेंशनल' करार दिया। फैंस का साफ मानना है कि डेथ-ओवर्स स्पेशलिस्ट के रूप में कृष्णा पर उनका भरोसा अब कम होता जा रहा है।
बड़ी तस्वीर
यह मामला इतना अहम क्यों है? यह प्रतिक्रिया भारतीय क्रिकेट जगत में बढ़ती बेसब्री को दर्शाती है। जब खराब फॉर्म के बावजूद प्रबंधन किसी खिलाड़ी का समर्थन करता है, तो उनसे तुरंत परिणाम की उम्मीद बढ़ जाती है। जहां हर्षित राणा ने 3/24 के शानदार आंकड़ों के साथ वापसी की, वहीं कृष्णा का महंगा स्पेल चर्चा का विषय बन गया, जिससे बेंच स्ट्रेंथ और चयन प्रक्रिया पर बहस तेज हो गई है।
सीरीज के संदर्भ में, भारत के सामने 183 रनों का लक्ष्य है। हालांकि बल्लेबाजी क्रम इस लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम है, लेकिन गेंदबाजी इकाई को लेकर चर्चा जल्दी थमने वाली नहीं है। प्रसिद्ध कृष्णा को लेकर चल रही यह बहस उस फैन बेस का संकेत है जो अब डेटा-संचालित है और प्रदर्शन में निरंतरता की मांग करता है। टीम प्रबंधन के लिए चुनौती अब खिलाड़ी पर लंबे समय तक भरोसा बनाए रखने और हाई-स्टेक मैचों में विश्वसनीय प्रदर्शन के बीच संतुलन बनाने की है।
कबीर शर्मा पॉलिटिकलपीडिया के लिए संस्कृति, तकनीक और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लिखते हैं।