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सुरक्षा चिंताओं के चलते CBSE ने कक्षा 12 के पुनर्मूल्यांकन के लिए Coempt पोर्टल को हटाया

CBSE ने 'सुरक्षा चिंताओं' के कारण पुनर्मूल्यांकन के लिए Coempt का पोर्टल छोड़ा, अब अपने खुद के सिस्टम का करेगा इस्तेमाल

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्कप्रकाशित 6 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
सुरक्षा चिंताओं के चलते CBSE ने कक्षा 12 के पुनर्मूल्यांकन के लिए Coempt पोर्टल को हटाया
सुरक्षा चिंताओं के चलते CBSE ने कक्षा 12 के पुनर्मूल्यांकन के लिए Coempt पोर्टल को हटाया

डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी खामियों और छात्रों की व्यापक शिकायतों के बाद, राष्ट्रीय बोर्ड ने अपने पुनर्मूल्यांकन इंफ्रास्ट्रक्चर को आंतरिक सर्वर पर स्थानांतरित कर दिया है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आधिकारिक तौर पर कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को अपने इन-हाउस पोर्टल पर स्थानांतरित कर दिया है। इसके साथ ही बोर्ड ने Coempt Edu Teck द्वारा प्रबंधित थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म से दूरी बना ली है। यह निर्णय 'OnMark' सिस्टम पर बढ़ती जांच के बाद लिया गया है, जिसका उपयोग इस साल की शुरुआत में लगभग 1 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं के प्रसंस्करण के लिए किया गया था। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बोर्ड अब इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीधा नियंत्रण रख रहा है और IIT कानपुर तथा IIT मद्रास के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में मूल कोडबेस के पैच्ड वर्जन का उपयोग कर रहा है।

यह बदलाव हजारों छात्रों के लिए परिणाम के बाद के कठिन दौर के बीच आया है। 13 मई को कक्षा 12 के परिणाम घोषित होने के बाद से ही नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के कार्यान्वयन को लेकर तीखी आलोचना हो रही है। छात्रों ने कई विसंगतियों की सूचना दी है, जिसमें बिना जांचे गए प्रश्न से लेकर बहुविकल्पीय प्रश्नों के अंकन में त्रुटियां शामिल हैं। जब बोर्ड ने सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन विंडो खोलने का प्रयास किया, तो पोर्टल बार-बार क्रैश होने और "लॉगिन एक्सपायर्ड" जैसी तकनीकी विफलताओं ने छात्रों की परेशानी को और बढ़ा दिया।

जांच के घेरे में सिस्टम

हालांकि बोर्ड का कहना है कि उसके मूल्यांकन मानक ईमानदारी और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन Coempt प्लेटफॉर्म पर निर्भरता विवाद का केंद्र बन गई है। आंतरिक रिपोर्टों से पता चलता है कि OnMark पोर्टल में सुरक्षा खामियों की पहचान करने के बाद बोर्ड ने आंतरिक सर्वर पर माइग्रेशन का विकल्प चुना। हालांकि CBSE ने सार्वजनिक रूप से इन सुरक्षा खामियों की सटीक प्रकृति की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अपने स्वयं के इंफ्रास्ट्रक्चर पर शिफ्ट होने का उद्देश्य विषय विशेषज्ञों को विवादित अंकों की समीक्षा के लिए एक अधिक स्थिर वातावरण प्रदान करना है।

तकनीकी सुधार का नेतृत्व प्रमुख IIT की टीमें कर रही हैं, जो बोर्ड द्वारा नियंत्रित नए पोर्टल की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं। इस बदलाव के बावजूद, प्रक्रिया अभी भी अनिश्चितताओं से भरी है। कई छात्रों ने देरी को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि मूल्यांकन त्रुटियों की रिपोर्ट करने के लिए एक विश्वसनीय पोर्टल तक पहुंच न होने से उनका शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है।

छात्रों और शैक्षणिक समय-सीमा पर प्रभाव

कई उम्मीदवारों के लिए दांव बहुत ऊंचे हैं, क्योंकि इस पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के परिणाम सीधे उच्च शिक्षा में उनके प्रवेश की पात्रता को प्रभावित करते हैं। iit admission cbse marks relaxation को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, बोर्ड की अंकन प्रणाली की सटीकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि जब तक सिस्टम में ये अंतिम सुधार किए जा रहे हैं, तब तक वे आधिकारिक टेली-काउंसलिंग हेल्पलाइन का उपयोग करें या उनके समर्पित सपोर्ट ईमेल पर संपर्क करें।

जैसे-जैसे बोर्ड इस बदलाव को लागू कर रहा है, Coempt सौदे के वित्तीय और अनुबंध संबंधी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, बोर्ड ने सिस्टम के प्रदर्शन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की गहन समीक्षा लंबित होने तक वेंडर को भुगतान रोक दिया है। हालांकि पोर्टल अब पूरी तरह से कार्यशील होने की दिशा में बढ़ रहा है, लेकिन यह घटना राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर डिजिटल मूल्यांकन तकनीकों को जल्दबाजी में लागू करने से जुड़े प्रणालीगत जोखिमों को उजागर करती है।

द्वारा पॉलिटिकलपीडिया संपादकीय डेस्क
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