साहन की शानदार पारी से श्रीलंका-A मजबूत: गॉल में भारत-A के लिए मुश्किल चुनौती
साहन की फिफ्टी से श्रीलंका-A मजबूत: दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन स्कोर-288/5; यश ठाकुर और सारांश जैन ने झटके दो-दो विकेट
कप्तान साहन अराचिगे की नाबाद अर्धशतकीय पारी की बदौलत मेजबान टीम ने दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के पहले दिन 288/5 का मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया है।
गॉल के खूबसूरत तटीय शहर में एक कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, और पहले दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम ड्राइविंग सीट पर है। स्पोर्ट्स और क्रिकेट एक्शन को कवर करने वाली इस ओरिजिनल आर्टिकल में यह साफ है कि भारतीय गेंदबाज अनुशासित श्रीलंकाई बल्लेबाजी लाइनअप पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। स्कोर मेहमान टीम के लिए एक कठिन दिन को दर्शाता है, जिन्हें पिच से तेज गेंदबाजों के लिए कोई खास मदद नहीं मिली।
दिन की शुरुआत भारत-A द्वारा टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले के साथ हुई, उम्मीद थी कि सुबह की नमी का फायदा मिलेगा। हालांकि उन्होंने पवनथा वीरसिंघे और सोहन डी लिवेरा की ओपनिंग जोड़ी को जल्दी तोड़ दिया, लेकिन मेजबान टीम ने हार नहीं मानी। नुवानिदु फर्नांडो और अशेन बंदारा ने पारी को संभाला और सुनिश्चित किया कि स्कोरबोर्ड चलता रहे, जबकि भारतीय गेंदबाज विकेट की तलाश में जूझते रहे।
साहन-बंदारा का प्रतिरोध
दिन का टर्निंग पॉइंट तब आया जब 171 के स्कोर पर चौथा विकेट गिरा। ठीक जब भारत-A मैच में वापसी की उम्मीद कर रहा था, कप्तान साहन अराचिगे और विकेटकीपर अंजाला बंदारा ने 99 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। अराचिगे, जो फिलहाल 148 गेंदों में 83 रन बनाकर खेल रहे हैं, अपनी टीम को दूसरे दिन एक विशाल पहली पारी का स्कोर बनाने की मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके हैं।
भारतीयों के लिए, यश ठाकुर और सारांश जैन सबसे प्रभावी गेंदबाज रहे, जिन्होंने दो-दो विकेट लिए। ठाकुर विशेष रूप से किफायती रहे, जिन्होंने अपने 14 ओवर के स्पेल में केवल 32 रन दिए, जबकि जैन ने 24 ओवर तक दबाव बनाए रखा। हालांकि, बाकी गेंदबाजों से समर्थन न मिलने के कारण श्रीलंकाई जोड़ी को अंतिम सत्र में खेल की गति तय करने का मौका मिल गया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह टेस्ट मैच उन खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण मौका है जो सीनियर नेशनल टीम में जगह बनाना चाहते हैं। भारतीय प्रबंधन के लिए, एक सपाट पिच पर मध्यक्रम के प्रतिरोध को न तोड़ पाना चर्चा का विषय होगा। साहन की यह फिफ्टी सिर्फ रनों के बारे में नहीं है; यह उस पिच पर धैर्य का प्रदर्शन है जहां भारत के गेंदबाज लगातार मौके बनाने में विफल रहे। यदि मेहमान टीम एक कठिन लक्ष्य या ड्रॉ से बचना चाहती है, तो उन्हें कल सुबह जल्दी विकेट लेकर मेजबान टीम को 350 के नीचे रोकना होगा।
भारत-A के लिए चिंता का प्राथमिक स्रोत पूरे दिन तीव्रता बनाए रखने में उनकी असमर्थता है। हालांकि गेंदबाजों ने चमक बिखेरी, लेकिन तीसरे प्रभावी विकेट लेने वाले गेंदबाज की कमी के कारण श्रीलंका-A तीन रन प्रति ओवर से अधिक की औसत बनाए रखने में सफल रहा। खेल नाजुक मोड़ पर है, और दूसरे दिन का पहला घंटा यह तय करेगा कि इस सीरीज में मोमेंटम किस ओर झुकेगा।
रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।