Politicalpedia
खेल

US Open: रौनक चौहान ने टॉप सीड तिएन चेन को हराकर किया बड़ा उलटफेर

रौनक ने दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी तिएन चेन को हराकर US ओपन के क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

द्वारा रोहन गुप्ताप्रकाशित 28 जून 2026· 2 मिनट पढ़ें
US ओपन बैडमिंटन में रौनक चौहान ने टॉप सीड तिएन चेन को हराकर किया बड़ा उलटफेर
US ओपन बैडमिंटन में रौनक चौहान ने टॉप सीड तिएन चेन को हराकर किया बड़ा उलटफेर

18 वर्षीय भारतीय प्रतिभा ने फुलर्टन में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए भारतीय दल के लिए एक शानदार दिन की शुरुआत की।

इस गुरुवार फुलर्टन एरिना में बैडमिंटन की दुनिया में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब 18 वर्षीय रौनक चौहान ने वह कर दिखाया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। दुनिया के 80वें नंबर के इस युवा भारतीय शटलर ने टॉप सीड और दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी, चाउ तिएन चेन को सीधे गेम में करारी शिकस्त दी। 21-17, 26-24 का स्कोर सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि इसने US ओपन बैडमिंटन 2026 के इस हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में एक नए दावेदार के आगमन का ऐलान कर दिया।

चौहान का रणनीतिक अनुशासन पहले सर्व से ही देखने लायक था। पहले गेम में 15-17 से पिछड़ने के बावजूद, उन्होंने किशोर खिलाड़ियों में कम ही दिखने वाला संयम दिखाया और लगातार छह अंक जीतकर मैच पर अपनी पकड़ बना ली। दूसरा गेम काफी चुनौतीपूर्ण रहा, जिसमें अनुभवी तिएन चेन 17-11 की बढ़त बनाकर खिताब के प्रबल दावेदार लग रहे थे। एक बार फिर चौहान ने अपना साहस दिखाया और वापसी करते हुए लगातार छह अंक बटोरे। 49 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में उन्होंने अपने दूसरे मैच पॉइंट को भुनाते हुए जीत दर्ज की।

भारत के लिए शानदार दिन

सफलता केवल पुरुष एकल वर्ग तक ही सीमित नहीं रही। भारतीय दल के लिए यह एक सुनहरा दिन था, क्योंकि युवा ब्रिगेड ने US ओपन में अपना दबदबा कायम रखा। पूर्व वर्ल्ड जूनियर सिल्वर मेडलिस्ट तन्वी शर्मा ने तुंग सिउ-तोंग को 21-12, 21-19 से सीधे गेम में हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। उनके साथ रक्षिता श्री और देविका सिहाग ने भी अपने-अपने मैचों में संयम दिखाते हुए क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।

दिग्गज खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने दिन का समापन शानदार अंदाज में किया। यह साबित करते हुए कि अनुभवी खिलाड़ी और नई पीढ़ी साथ मिलकर काम कर रहे हैं, श्रीकांत ने मलेशिया के ली जी जिया को 21-14, 21-13 से आसानी से हराकर टूर्नामेंट के अगले दौर में भारतीय चुनौती को मजबूती दी।

यह जीत क्यों मायने रखती है

रौनक चौहान और तन्वी शर्मा जैसे खिलाड़ियों का उदय भारतीय बैडमिंटन में एक बड़े बदलाव का संकेत है। वर्षों तक, देश में खेल की आर्थिक स्थिरता और विकास काफी हद तक कुछ चुनिंदा बड़े नामों पर निर्भर थी। हालाँकि, मौजूदा गहराई—जहाँ जूनियर खिलाड़ी न केवल भाग ले रहे हैं बल्कि शीर्ष-10 विश्व रैंकिंग वाले दिग्गजों को हरा रहे हैं—यह बताती है कि घरेलू सिस्टम अब लगातार उच्च-प्रदर्शन वाले परिणाम दे रहा है।

यह गहराई भारत में खेल की व्यावसायिक अपील के लिए महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे ये युवा एथलीट वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं, प्रायोजकों और मीडिया की रुचि स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी, जिससे इस गति को बनाए रखने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा। यदि यह सिलसिला जारी रहता है, तो भारतीय बैडमिंटन तंत्र जल्द ही व्यक्तिगत प्रतिभा पर निर्भर रहने के बजाय एक मजबूत और प्रतिभाशाली सिस्टम के रूप में उभरेगा, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर नियमित रूप से पदक जीतने में सक्षम होगा।

द्वारा रोहन गुप्ता
बिज़नेस संवाददाता

रोहन गुप्ता पॉलिटिकलपीडिया के लिए अर्थव्यवस्था, बाज़ार और कंपनियों को कवर करते हैं।